गर्भपात जिसे अक्सर मिस्कैरेज भी कहा जाता है। मिसकैरेज एक दुखद घटना है जो दुनिया भर के कई कपल्स को प्रभावित करती है। गर्भपात होना, कपल्स को भावनात्मक और शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाती है। मिसकैरेज होने के बाद, महिलाओं का शरीर सामान्य होने पर ब्लीडिंग, ऐंठन, थकान जैसी लक्षणों का अनुभव हो सकता है। आइए जानते हैं, गर्भपात क्या है, अधूरा गर्भपात के लक्षण और कारण क्या है, इत्यादि।
मिसकैरेज या गर्भपात क्या है? (Miscarriage Meaning in Hindi)
मिसकैरेज या गर्भपता एक ऐसी गंभीर स्थिति है, जब ठहरा हुआ गर्भ किसी कारण से समाप्त हो जाता है। यानी आपकी प्रेगनेंसी के 20 वें सप्ताह के पहले भ्रूण की मृत्यु हो जाने की स्थिति को मिसकैरेज कहा जाता है। आंकड़ों की बात करें तो गर्भावस्था के 15 प्रतिशत मामलों में गर्भपात की स्थिति देखने को मिलती है। इसमें भी 10 में से 8 गर्भपात पहली तिमाही में होते हैं, इसका मतलब है ज्यादातर मामलों में मिसकैरेज पहली तिमाही में होते हैं। जो मिसकैरेज 20 वें सप्ताह के बाद होते हैं, उन्हें “लेट मिसकैरेज” कहा जाता है।
मिसकैरेज या गर्भपात के प्रकार कितने होते हैं?
मिसकैरेज के प्रकार उसकी गंभीरता के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। इसके लक्षणों की पहचान कर समय पर मेडिकल सहायता लेने के लिए गर्भपात के प्रकार को जानना जरूरी है। गर्भपात के प्रकार निम्नलिखित है:-
थ्रेटेंड मिसकैरेज (गर्भपात का खतरा)
इस दौरान गर्भावस्था के शुरुआती समय में ब्लीडिंग होती है और हल्का दर्द हो सकता है। लेकिन अभी गर्भ सुरक्षित सहता है। अगर समय से इसका सही इलाज कर लिया गया तो गर्भ को बचाया जा सकता है। यह लक्षण गर्भपात की तरफ इशारा होता है।
अपरिहार्य गर्भपात
इस तरह के गर्भपात में गर्भाशय ग्रीवा खुलना शुरू हो जाता है और ब्लीडिंग के साथ दर्द होता है। इसमें गर्भपात होना तय होता है और इसे रोका नहीं जा सकता है।
अधुरा गर्भपात
अधुरा गर्भपात के लक्षण और उपाय क्या है? इस तरह के मिसकैरेज में गर्भावस्था के कुछ उत्तक गर्भ से बाहर निकल जाते हैं और कुछ गर्भाशय में ही रह जाते हैं। इसमें ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती है और बचे हुए भाग को निकालने के लिए इलाज की जरूरत होती है।
पूर्ण गर्भपात
पूर्ण गर्भपात में गर्भ के उत्तक पूरी तरह के बाहर निकल जाते हैं। इसमें ब्लीडिंग और दर्द कम होने के साथ खत्म हो जाते हैं।
मिस्ड मिसकैरेज
मिस्ड मिसकैरेज में भ्रूण के दिल की धड़कन रुक जाती है और गर्भाशय के उत्तक शरीर के बाहर नहीं निकल पाते हैं। महिला के शरीर को उस समय इसका पता नहीं चलता है, नाहीं इसके कोई लक्षण होते हैं। इस स्थिति का अल्ट्रासाउंड के बाद ही पता लगाया जा सकता है।
रिकरंट मिसकैरेज (बार-बार मिसकैरेज)
बार-बार बच्चा क्यों गिर जाता है या बार-बार मिसकैरेज क्यों होता है? रिकरंट मिसकैरेज में महिला को 3 या उससे ज्यादा बार गर्भपात होता है। बार-बार मिसकैरेज होना किसी अंदरूनी समस्या की तरफ इशारा करती है, जिसका इलाज और जांच बहुत जरूरी है। यह स्थिति अक्सर गर्भाशय और हार्मोनल की गड़बड़ी की वजह से हो सकता है।
गर्भपात के लक्षण क्या है? (Miscarriage Symptoms in Hindi)
सामान्य रूप से मिसकैरेज गर्भावस्था के 20 वें सप्ताह से पहले होता है। मिसकैरेज या अधूरा गर्भपात के लक्षण इसके प्रकार के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। यहां मिसकैरेज के कुछ सामान्य लक्षण दिए गए हैं:-
- योनी से ब्लीडिंग होना
- पेट के निचले भाग में दर्द और ऐंठन होना
- योनी से तरल पदार्थों का रिसाव होना
- चक्कर आना
- कमजोरी महसूस होना
- प्रेगनेंसी के लक्षणों का महसूस नहीं होना
- पीठ और पेट में लगातार दर्द महसूस होना
मिसकैरेज क्यों होता है? (Causes Of Miscarriage in Hindi)
गर्भपात अचानक समाप्त होना या बार-बार मिसकैरेज होने का कारण कई हो सकते हैं। मिसकैरेज की रोकथाम और भावनात्मक रूप से तैयार होने के लिए इसके इसके कारणों का जानना बहुत जरूरी है। गर्भपात के कुछ सामान्य कारण निम्नलिखित है:-
- योनी से ब्लीडिंग की समस्या
- हार्मोनल असंतुलन
- दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं
- आनुवंशिक असामान्यताएं
- गंभीर संक्रमण
- कमजोर सर्विक्स
- तनाव
- मातृत्व आयु
- नशीले पदार्थ, शराब और धूम्रपान का सेवन
- कैफीन का ज्यादा होना
- कुपोषण
- गर्भाशय की खराब संरचनात्मक समस्या
- थायराइड की समस्या
- हाई बीपी की समस्या
- जीवनशैली कारक, इत्यादि।
गर्भपात से बचाव कैसे करें?
गर्भपात से शत-प्रतिशत बचाव संभव नहीं है, ऐसा इसलिए क्योंकि कई बार भ्रूण में प्राकृतिक रूप से दिक्कतें भी होती है। इसके बावजूद भी जीवनशैली में बदलाव करके और चिकित्सा देखभाल कर के गर्भपात के खतरे को कम किया जा सकता है:-
- नियमित रूप से हेल्थ चेकअप करवाएं।
- फोलिक एसिड और विटामिन्स लेते रहें।
- पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें।
- तनाव कम करें।
- संक्रमण से बचाव करें।
- ज्यादा कैफीन से बचें।
- पर्याप्त नींद लें।
- संतुलित आहार का सेवन करें।
- भारी वजन उठाने से बचें।
- नियमित रूप से ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड कराएं।
- हेल्दी वजन बनाएं रखें।
गर्भपात का उपचार क्या है? (Miscarriage Treatment In Hindi)
गर्भपात आपको शारीरिक और भावनात्मक रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। गर्भपात का सही इलाज महिला के स्वास्थ और जरूरतों के आधार पर तय किया जाता है। प्राथमित तौर पर गर्भपात के उपचार का विकल्प निम्नलिखित है:-
अपेक्षित प्रबंधन
शुरुआती गर्भपात जो खासकर पहली तिमाही में होता है, इसमें बिना किसी मेडिकल ट्रीटमेंट के गर्भावस्था के टिस्यूज सामान्य रूप से बाहर निकल सकते हैं, इसे अपेक्षित प्रबंधन कहते हैं। इसमें महिला के ज्यादा ब्लीडिंग और इंफेक्शन का ध्यान रखा जाता है और निगरानी होती है।
मेडिकल ट्रीटमेंट
इस प्रक्रिया में दवाओं का इस्तेमाल, मिसकैरेज के दौरान गर्भावस्था के उत्तकों को तेजी से बाहर निकालने में मदद के लिए किया जाता है। आमतौर पर इस प्रक्रिया को घर पर किया जा सकता है लेकिन गर्भपात खत्म हो गया है, इसका पता करने के लिए अस्पताल में जांच करवानी होगी।
सर्जिकल इलाज
गर्भपात के गंभीर मामलों में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। इसमें सबसे सामान्य प्रक्रिया है डी एंड सी यानी डायलेशन और क्यूरेटेज। जहां गर्भाशय ग्रीवा को फैलाकर बचे हुए गर्भाशय टिस्यू को एक खास तरह के डिवाइस से बाहर निकाला जाता है। यह प्रक्रिया तब की जाती है जब ज्यादा ब्लीडिंग और गंभीर संक्रमण हो या जब गर्भाशय के ऊत्तक दवा से बाहर नहीं नकल पाते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान सामान्य या लोकल एनेस्थीसिया का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सारांश
जब बच्चा गर्भ में नहीं ठहर पाता है और किसी कारणवस समाप्त हो जाता है, उसे मिसकैरेज या गर्भपात माना जाता है। मिसकैरेज कई कारणों से हो सकता है, यह भारी-भरकम काम करने से भी हो सकता है या पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से भी हो सकता है। मिसकैरेज के प्रकार कई रूपों में उपरोक्त भाग में बताया गया है, जैसे- अधूरा मिसकैरेज, बार-बार मिसकैरेज, पूर्ण मिसकैरेज, मिस्ड मिसकैरेज, इत्यादि। इसका इलाज कई तरह से किया जाता है यह उसके प्रकार और महिला की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।
सामान्य मिसकैरेज अपने आप पूर्ण रूप से खत्म हो जाता है और कुछ मामलों में दवाइयों की जरूरत पड़ती है, लेकिन गंभीर मामलों में सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है, जिसके लिए आपको अस्पताल जाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे समय में शारीरिक और भावनात्मक रूप से महिला समेत पूरे परिवार को नुकसान पहुंचता है। मिसकैरेज से बचने के लिए महिला के साथ-साथ पूरे परिवार को महिला का भरपूर ख्याल रखना चाहिए। इसमें समय पर हेल्दी डाइट और संतुलित आहार का सेवन करें, फोलिक एसिड और विटामिन्स लेते रहें, स्ट्रेस से दूर रहें, पर्याप्त नींद लें, भारी-भरकम काम करने से बचें, नियमित रूप से ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड कराएं और सबसे जरूरी समय-समय पर डॉक्टर से चेकअप कराते रहें।
इससे आपको सफल गर्भाधारण करने में मदद मिलेगी और आप हेल्दी तरीके से बच्चे को जन्म दे सकती है। गर्भाधारण के संपूर्ण प्रक्रिया के लिए आप मैटरनिटी हेल्थ इंश्योरेंस प्लान को खरीद सकती है, जहां आपको मातृत्व संबंधी खर्चों के लिए कवरेज प्रदान किया जाता है। केयर हेल्थ के मैटरनिटी हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में आपको प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन की सुविधा, आधुनिक प्रौद्योगिकी उपचार, 90 दिनों तक नवजात शिशु के लिए कवरेज, गर्भावस्था के लिए मेडिक्लेम सुविधा, प्रसव के दौरान किसी भी जटिलता के मामले में पूर्ण इन-पेशेंट देखभाल के साथ और भी कई तरह की स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती है। तो आप आंख बंद करके मैटरनिटी हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के बारे में विचार कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: उपरोक्त जानकारी केवल संदर्भ उद्देश्यों के लिए है। सही चिकित्सीय सलाह के लिए कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श करें। स्वास्थ्य बीमा लाभ पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अधीन हैं। अधिक जानकारी के लिए अपने पॉलिसी दस्तावेज़ पढ़ें।