Subscribe to get weekly insights
Always stay up to date with our newest articles sent direct to your inbox
Published on 29 Jul, 2025
Updated on 12 Nov, 2025
2894 Views
5 min Read
Written by Vipul Tiwary
favorite4Likes
कीमोथेरेपी प्रक्रिया कैंसर का इलाज होता है। किमो शब्द इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के लिए प्रयोग किया जाता है, जो कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं या विभाजित नहीं होने देते हैं। किमोथेरेपी के फायदे इस बात पर निर्भर करते हैं की कैंसर की स्थिति क्या है और यह कौन से स्टेज पर है। किमोथेरेपी प्रक्रिया के थोड़े-बहुत नुकसान भी है लेकिन इसके लाभ ज्यादा है। आइए जानते हैं, किमोथेरेपी क्या है, कीमो कैसे चढ़ाया जाता है, कीमो के बाद क्या खाये, इत्यादि।
किमोथेरेपी कैंसर के इलाज का एक प्रकार है, जिसमें शरीर में मौजूद कैंसर की कोशिकाओं को टारगेट करके नष्ट करने के लिए पावरफुल दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। कैंसर का कौन सा प्रकार है और किस स्टेज पर है, इसको देखते हुए दवाओं का इस्तेमाल मौखिक रूप से, नसों के द्वारा या डायरेक्ट उस खास स्थान पर संचालित किया जाता है। इसके कारण कैंसर कोशिकाओं की पुनर्निमाण और विभाजित होने की क्षमता पर असर पड़ता है। ये दवाएं कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकती है। इससे ट्यूमर को कम करने, बीमारी बढ़ने की प्रक्रिया को स्लो करने या कैंसर कोशिकाओं को जड़ से खत्म करने में सहायता मिलती है।
कीमो इंजेक्शन कैसे बनता है? कीमोथेरेपी, को आमतौर पर “कीमो” कहा जाता है। यह कैंसर के उपचार में प्रयोग की जाने वाली दवाओं का एक समूह है। जो कैंसर की कोशिकाओं के विकास को धीमा कर उसको नष्ट करने के लिए बनाया जाता है। यह दवा कई तरह के रासायनिक और प्राकृतिक स्रोतों से बनाई जाती हैं। कुछ कीमो दवाएं पेड़-पौधों, फंगस, या बैक्टीरिया से बनाई जाती है, जबकि कुछ कीमों दवाएं आर्टिफिशियल रूप से लैब में रसायनों के माध्यम से तैयार की जाती है और कुछ आधुनिक दवाएं जैव प्रौद्योगिकी से बनाई जाती है।
कीमोथेरेपी चढ़ाने का मतलब है, कैंसर पेशेंट को कीमो दवा शरीर में देना, ताकि कैंसर कोशिकाओं पर यह अपना असर शुरू कर सके। यानी कैंसर कोशिकाओं को यह नष्ट कर सके और उसको बढ़ने से रोके। किसी भी कीमोथेरेपी इलाज में डॉक्टर अलग-अलग चरणों में भिन्न भिन्न तरह से कीमोथेरेपी का इस्तेमाल करते हैं और यह प्रक्रिया डॉक्टर की निगरानी में हॉस्पीटल में की जाती है। कीमो चढ़ाने के मुख्य तरीके निम्नलिखित है:-
यह प्रक्रिया कीमोथेरेपी देने का सबसे सामान्य और प्रमुख तरीका है। इसमें कीमो दवा को ड्रिप के द्वारा डायरेक्ट नस में डाला जाता है और दवा को धीरे-धीरे रक्त प्रवाह में पहुंचाया जाता है। यह प्रक्रिया आधे घंटे से लेकर 3-4 घंटे तक चल सकती है।
कुछ प्रकार की कीमो दवाएं सीधे तौर पर नस या मांसपेशियों या त्वचा के नीचे इंजेक्ट की जाती है। यह प्रक्रिया जल्दी ही कुछ मिनटों में खत्म हो जाती है।
कुछ कीमो दवाएं कैप्सूल के रूप में खाई जा सकती है। यह रोगी डॉक्टर की सलाह से घर पर ही सेवन कर सकते हैं। इसमें नियमित डॉक्टर की निगरानी और ब्लड टेस्ट बहुत जरूरी है।
कुछ मामलों में दवाएं डायरेक्ट शरीर के प्रभावित हिस्से यानी कैंसर वाली जगह पर दी जाती है। जैसे- पेट के कैंसर, मूत्राशय, ओवरी, इत्यादि।
कीमोथेरेपी के दौरान या उसके बाद मरीज को खाने-पीने का खास ध्यान रखना जरूरी होता है। क्योंकि कीमोथेपी के बाद शरीर में कमजोरी हो जाती है। ऐसे में मरीज को एक हेल्दी डाइट का पालन करना चाहिए। देखें, कीमोथेरेपी के बाद क्या खाना चाहिए:-
कैंसर के लिए कीमोथेरेपी एक बहुत सही और प्रभावशाली उपचार है, लेकिन यह शरीर के स्वस्थ कोशिकाओं को भी प्रभावित कर सकती है, जिससे आपको नुकसान हो सकती है। कीमोथेरेपी के नुकसान निम्नलिखित है:-
कुछ ऐसे भी दुष्प्रभाव होते हैं जो कीमोथेरेपी प्रक्रिया होने के महीनों या सालों बाद दिखाई दे सकते हैं। यह कीमो के प्रकार, व्यक्ति के स्वास्थ्य और उपचार पर निर्भर करता है। कीमोथेरेपी के सामान्य दुष्प्रभाव जो आपको देर से दिखते हैं, निम्नलिखित है:-
हां, भारत में कई ऐसी स्वास्थ्य बीमा योजनाएं है, जो कीमोथेरेपी के खर्चों (केमोथेरपी खर्च) को कवर करती है। यह सभी प्लान्स बीमाधारक को वित्तीय रूप से स्वास्थ्य सहायता और सुरक्षा प्रदान करती हैं। केयर हेल्थ इंश्योरेंस की ऐसी ही एक पॉलिसी है कैंसर पॉलिसी। जो बीमाधारक को कैंसर से जुड़ी इलाज के खर्चों के लिए कवरेज प्रदान करती है। इसमें प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन से लेकर डे-केयर ट्रीटमेंट तक सभी स्वास्थ्य सुविधाएं कवर की जाती है। इसमें कैंसर के सभी चरणों के लिए कवरेज प्रदान किया जाता है। कीमोथेरेपी के साथ रेडियोथेरेपी भी कवर होती है। साथ ही वैकल्पिक उपचार कवर और कॉल पर स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा और भी कई तरह की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती है।
डिस्क्लेमर: उपरोक्त जानकारी केवल संदर्भ उद्देश्यों के लिए है। सही चिकित्सीय सलाह के लिए कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श करें। स्वास्थ्य बीमा लाभ पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अधीन हैं। अधिक जानकारी के लिए अपने पॉलिसी दस्तावेज़ पढ़ें।
Thyroid : मामूली नहीं हैं महिलाओं में थायराइड होना, जानें इसके लक्षण और घरेलू उपचार Vipul Tiwary in Diseases
शुगर कंट्रोल कैसे करे? जानें, डायबिटीज में क्या खाना चाहिए Vipul Tiwary in Health & Wellness
हाई ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल कैसे करें? देखें इसके उपाय Vipul Tiwary in Diseases
पैरों में दर्द किस कमी से होता है? जानें, इसके घरेलू इलाज Vipul Tiwary in Health Insurance Articles
Forget Yoghurt: 8 Probiotic Foods That Actually Work Jagriti Chakraborty in Health & Wellness
BIG Update: Nipah Virus Is Back, Here’s How to Stay Safe! Sejal Singhania in Health Insurance Articles
Hospital Costs Going Up Next Year? Medical Inflation Might Surprise You Jagriti Chakraborty in Money Saving Tips
Sustainability in Healthcare: What 2026 Will Look Like Jagriti Chakraborty in Health Insurance Articles
Always stay up to date with our newest articles sent direct to your inbox
Loading...