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Published on 21 Apr, 2023
Updated on 28 Oct, 2025
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5 min Read
Written by Vipul Tiwary
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टाइफाइड एक जीवाणु संक्रमण बीमारी है, जो साल्मोनेला बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बीमारी पाचन-तंत्र और ब्लडस्ट्रीम में बैक्टीरिया के इंफेक्शन के कारण होता है। यह बैक्टीरिया आपके शरीर में मुंह के जरिए प्रवेश करते हैं। यदि आप टाइफाइड से संक्रमित किसी व्यक्ति के निकट संपर्क में आते हैं तो भी आपको टाइफाइड होने का खतरा हो सकता है। टाइफाइड बुखार सामान्य तौर पर बरसात के दिनों में ज्यादा फैलता है, और खराब स्वच्छता भी इस बीमारी का एक प्रमुख कारण है। आइए जानते हैं, टाइफाइड कैसे होता है, इसके लक्षण क्या हैं? क्या टाइफाइड छूने से फैलता है? टाइफाइड बार-बार क्यों होता है? इत्यादि।
टाइफाइड सालमोनेला बैक्टीरिया से फैलने वाली एक गंभीर बीमारी है। यह खाने-पीने के रास्ते आपके शरीर में प्रवेश करती है और बैक्टीरिया इंफेक्शन, तेज बुखार के साथ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संबंधी समस्याएं उत्पन्न करती है। लोग इस बीमारी का शिकार दूषित पानी या भोजन ग्रहण करने से होते हैं। यह बैक्टीरिया आपके शरीर में जाने के बाद आपके आंतों में लगभग एक से तीन सप्ताह तक रहता है। उसके बाद आंतों की दीवारों के जरिए ब्लड स्ट्रीम में प्रवेश कर जाता है। आज के समय में टाइफाइड का बेहतर इलाज हर जगह उपलब्ध है। यदि आप इसे अनुपचारित छोड़ देते हैं तो यह आपके लिए जानलेवा साबित भी हो सकता है।
टाइफाइड में क्या-क्या होता है, यह जानने के लिए इसके लक्षणों को ध्यान से पढ़ें। टाइफाइड के रोगियों में बैक्टीरिया प्रवेश करने के लगभग एक से तीन सप्ताह के बाद, टाइफाइड के लक्षण दिखाई देते हैं। इसके कुछ मुख्य लक्षण निम्नलिखित है:-
टाइफाइड होने का मुख्य कारण होता है साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया। टाइफाइड बुखार तब होता है, जब उसका बैक्टीरिया किसी खाद्य पदार्थ या तरल पदार्थ के जरिए आपके शरीर में प्रवेश करता है। यह निम्नलिखित कारणों से हो सकता है:-
टाइफाइड के मामलों में, एंटीबायोटिक चिकित्सा ही सबसे प्रभावी इलाज है। आमतौर पर सिप्रोफ्लैक्सिन, सेप्ट्रिएक्सोन इसके इलाज के लिए ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। यदि सिप्रोफ्लैक्सिन उपलब्ध नहीं है तो इसके बदले एंजीथ्रोमाइसिन इसके दूसरे विकल्प के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार आप टाइफाइड से बचाव के लिए दो तरह का टिकाकरण करा सकते हैं। पहला एक इनएक्टिव वैक्सिन शॉट और दूसरा लाइव वैक्सीन शॉट। इसके अलावा भी, टाइफाइड से बचाव के उपाय कर बचाव किया जा सकता है:-
टाइफाइट से राहत पाने के घरेलू उपाय नीचे दिए गए हैं, जिसे अपना कर आप अपने टाइफाइड को ठीक कर सकते हैं।
क्या आप जानते हैं, बच्चों में टाइफाइड बुखार कितने दिन में ठीक होता है? यदि टाइफाइड का इलाज सही समय पर किया जाता है तो यह महज 3-5 दिनों में कम होने लगता है और इसे पूरी तरह ठीक होने में 3 से 4 सप्ताह का समय लग सकता है। लेकिन यदि इसका सही समय पर जांच नहीं हुआ तो स्थिति और भी गंभीर बन सकती है।
>> यह भी जानें: क्या है बुखार ठीक करने के घरेलू इलाज और देशी दवा
टाइफाइड में शुद्ध स्वच्छ और हल्के खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जैसे :-
टाइफाइड बैक्टीरिया के इंफेक्शन से होने वाली एक बहुत ही गंभीर बीमारी है। यह संक्रमित खाद्य पदार्थें या पेय पदार्थों के द्वारा हमारे शरीर में प्रवेश करता है। बैक्टीरिया के शरीर में जाने के 1-2 सप्ताह में लक्षण दिखाई देने लगते हैं। डॉक्टर की सलाह और दवाईयों के माध्यम से टाइफाइड का इलाज पूरी तरह से किया जा सकता है। अनुपचारित टाइफाइड के नुकसान भी बहुत हैं, ऐसे में कुछ खाने-पीने की चीजों का भी परहेज करना बहुत जरूरी है, जिसे उपरोक्त भागों में बताया गया है। आप घरेलू उपचार के द्वारा भी टाइफाइड का इलाज कर सकते हैं।
ऐसे गंभीर बीमारियों में अस्पताल के खर्चों से बचने के लिए आप अपना स्वास्थ्य बिमा(choosing health insurance) भी करा सकते हैं। आप केयर हेल्थ इंश्योरेंस के केयर एडवांटेज प्लान को खरीद सकते हैं और अस्पताल के वीत्तिय बोझ के संकट को कम कर सकते हैं। सही हेल्थ इंश्योरेंस प्लान आपको ऐसे मुश्किल समय में वीत्तिय रूप से डटे रहने के लिए बहुत जरूरी होता है।
डिस्क्लेमर: किसी भी तरह के नुस्खें या दवा को आजमाने से पहले डॉक्टर से आवश्य परामर्श करें। हेल्थ कवरेज के दावों की पूर्ति पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अधीन है। प्लान की सुविधाएँ, लाभ और कवरेज भिन्न हो सकते हैं। कृपया ब्रोशर, सेल्स प्रोस्पेक्टस, नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।
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हां, टाइफाइड में सीमित मात्रा में चाय पी सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे, ज्यादा मात्रा में चाय नहीं पीना चाहिए।
टाइफाइड के दौरान पैरों में दर्द कई कारणों से हो सकता हैं और यह सामान्य है। इसमें बुखार, संक्रमण, और अन्य जटिलताओं शामिल हो सकती हैं।
टाइफाइड में नारियल पानी का सेवन कर सकते हैं। यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के साथ इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने में सहायक होता है।
हां, टाइफाइड में आप गुनगुने दूध का सेवन कर सकते हैं। इससे आपके शरीर को जरूरी पोषक तत्व ऊर्जा और प्रोटीन मिलता है।
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