वायुजनित रोग: प्रकार, रोकथाम, लक्षण और इलाज

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वायुजनित रोग: प्रकार, रोकथाम, लक्षण और इलाज

बैक्टीरिया और वायरस जो हवा में तैर सकते हैं, वायुजनित बीमारियों का कारण बनते हैं। यह तेजी से फैलने की प्रवृत्ति रखते हैं और अन्य बीमारियों की तुलना में इन्हें नियंत्रित करना अधिक कठिन हो सकता है। वायुजनित रोग, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से फैल सकते हैं। यह इसमें शामिल रोगाणु पर निर्भर करता है। 

वायु जनित रोग क्या है?

हवा में उड़ने वाले माइक्रो-ऑर्गनिज़्म्स जिन्हें हम सूक्ष्मजीव कहते हैं, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने वाली बीमारियों का कारण बन सकते हैं। वायुजनित बीमारियाँ धूल, तरल चीज़ों के छिड़काव, खांसने या छींकने से फैल सकती हैं। ये रोगाणु गंदगी, कूड़े-कचरे या अन्य गंदगी भरी जगहों से भी फैल सकते हैं, या वे किसी बीमार जानवर या इंसान से भी आ सकते हैं। मनुष्य और जानवर,दोनों ही, हवा से फैलने वाली बीमारियों के प्रति संवेदनशील होते हैं।

उदाहरण के लिए, जब कोई सांस लेता है या छींकता है, तो पैथोजन्स हवा में नम बूंदें छोड़ते हैं। वहां की हवा में, कुछ बूंदें सूख जाएंगी और कुछ माइक्रो-पार्टिकल्स(सूक्ष्म कणों) को पीछे छोड़ देंगी। यही कण आस-पास के लोगों के शरीर से चिपक जाते हैं और उनमें हवा में रहने के दौरान व्यक्ति के सिस्टम में घुसने की क्षमता होती है।

वायु-जनित रोग पैदा करने वाले सूक्ष्म जीवों के कुछ उदाहरण हैं: एस्परगिलस फंगस और एंथ्रेक्स। एस्परगिलस फंगस, मिट्टी, पौधों, सड़ने वाले पौधे व पदार्थ, घर में होने वाली धूल और निर्माण सामग्री, साथ ही भोजन और पानी में पाई जाती है। एंथ्रेक्स, मिट्टी में पाया जाता है। 

इन वायुजनित रोगों का कारण बनने वाली ड्रॉप्लेट्स की कुछ निम्नलिखित विशेषताएं हो सकती हैं: 

  • उनमें जीवित माइक्रो-ऑर्गनिज़्म्स हो सकते हैं।
  • उनमें सूखी हुई लार या बलगम की लेयर हो सकती है। 
  • वे लम्बे समय तक हवा में रह सकते हैं। 

ऐसे कुछ कारक हैं जो प्रभावित कर सकते हैं कि रोगजनक कितने समय तक हवा में सक्रिय रह सकते हैं:

  • वायु में नमी
  • सूर्य के प्रकाश या रेडिएशन के के संपर्क में आना
  • हवा का तापमान
  • कणों का वजन
  • पैथोजन्स का स्ट्रक्चर(संरचना) और उनकी स्टेबिलिटी(स्थिरता)

वायुजनित रोग के प्रकार 

वायुजनित रोग कई प्रकार के होते हैं, और रोग के अनुसार लक्षण, उपचार और दृष्टिकोण अलग-अलग होते हैं।  वायुजनित रोग मुख्यतः 3 प्रकार के होते हैं:

  • बैक्टीरियल रोग: उदाहरण के लिए: टीबी, निमोनिया, काली खांसी, डिप्थीरिया, मेनिनजाइटिस और एंथ्रेक्स।
  • वायरल रोग: उदाहरण के लिए: सामान्य सर्दी, फ्लू, खसरा, कण्ठमाला, रूबेला और चिकन पॉक्स।
  • फंगल रोग: ये रोग मुख्य रूप से बीजाणुओं के साँस लेने से फैलते हैं। बीजाणुओं के स्रोत हैं: कालीन और फर्श की धूल, लेटेक्स पेंट, सांचे, नम निर्माण सामग्री। उदाहरण के लिए: एस्परगिलोसिस और क्रिप्टोकॉकोसिस। 

कुछ रोगों के बारे में विस्तृत जानकारी नीचे दी गयी है:

  • सामान्य सर्दी: राइनोवायरस के 100 से भी अधिक प्रकार होते हैं। राइनोवायरस  के कारण ही मनुष्यों में सबसे ज्यादा सर्दी की समस्या होती है।
  • कोविड-19: कोविड-19 SARS-CoV-2 वायरस के कारण होता है।
  • चिकनपॉक्स: बचपन की यह आम बीमारी वैरिसेला वायरस के कारण होती है। यह त्वचा के घावों के संपर्क से फैल सकता है, लेकिन यह हवा से भी फैलता है।
  • खसरा: रूबेला वायरस जो खसरे का कारण बनता है, अत्यधिक संक्रामक है।
  • रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस संक्रमण (आरएसवी): यह सामान्य सर्दी का एक और कारण है।
  • एंथ्रेक्स रोग: यह एक गंभीर जीवाणु रोग है जो गायों(मवेशियों) से मनुष्यों में फैल सकता है।
  • हंतावायरस: एक दुर्लभ वायरस, यह चूहों से मनुष्यों में फैल सकता है।
  • न्यूमोनिक प्लेग: यह स्थिति तब होती है जब बैक्टीरिया वाई. पेस्टिस फेफड़ों को संक्रमित कर देता है।
  • मम्प्स: इस रोग से वैक्सीन द्वारा बचा जा सकता है और यह पैरामाइक्सोवायरस के कारण होता है।

वायुजनित रोग के लक्षण क्या है?

प्रभावित व्यक्ति और उसको कौनसी वायुजनित बीमारी हुई है, उसके आधार पर वायुजनित संक्रमण के लक्षण भिन्न हो सकते हैं। विशिष्ट लक्षणों में से हैं:

1. खांसी: जब श्वसन प्रणाली ख़राब हो जाती है, तो यह सामान्य लक्षण दिखता है।

2. सांस फूलना: कोविड​​​​-19 सहित कई बीमारियों के परिणामस्वरूप सांस की तकलीफ हो सकती है।

3. बहती नाक: वायुजनित रोगों के कारण नासिका मार्ग में सूजन के कारण, नाक बहती है या बंद हो जाती है।

4. थकावट: वायुजनित बीमारियों का एक और संकेत है: थकावट।

5. छींक आना: खांसना और छींकना, वायुजनित रोगजनकों द्वारा होने वाली श्वसन संबंधी बीमारियों के लक्षण हैं।

6. गले में खराश: गले को प्रभावित करने वाली वायरल बीमारियाँ, जैसे टॉन्सिलिटिस, गले में दर्द पैदा कर सकती हैं।

7. त्वचा पर चकत्ते: चिकन पॉक्स और खसरा जैसी वायुजनित बीमारियों के कारण, त्वचा पर चकत्ते हो सकते हैं।

8. बुखार: कई वायुजनित संक्रमणों का एक और लक्षण है: बुखार जो कि इन्फेक्शन होने पर व्यक्ति को प्रभावित करता है। 

9. शारीरिक दर्द: जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, इन्फ्लूएंजा जैसी वायुजनित बीमारियों के कारण हो सकता है।

वायुजनित रोग के कारण क्या है?

बैक्टीरिया, वायरस, फंगस, या अन्य पैथोजन्स(रोगजनक) जैसे सूक्ष्मजीव(माइक्रो-ऑर्गनिज़्म्स) जो हवा के माध्यम से फैल सकते हैं, वायुजनित संक्रमण होने का मुख्य कारण होते हैं। जब कोई संक्रमित व्यक्ति बात करता है, छींकता है, खांसता है या सांस छोड़ता है, तो ये बैक्टीरिया हवा में फैल जाते हैं।

वायुजनित बीमारियों के सबसे आम कारण इस प्रकार हैं:

1. बैक्टीरिया: बैक्टीरिया काली खांसी और तपेदिक (टीबी) सहित बीमारियों का स्रोत हैं।

2. विषाणु(वायरस): वायरस चिकन पॉक्स, कोविड-19, इन्फ्लूएंजा (फ्लू) और खसरा सहित बीमारियों का स्रोत हैं।

3. फंगस: जब मनुष्य फंगस के बीजाणुओं(स्पोर्स) में सांस लेते हैं, तो वे अन्य फंगस रोगों के अलावा एस्परगिलोसिस और           क्रिप्टोकॉकोसिस की चपेट में आ सकते हैं।

4. रोगजनक: क्लैमाइडिया और माइकोबैक्टीरिया जैसे सूक्ष्मजीव भी वायु द्वारा फैल सकते हैं।

वायुजनित रोग के लिए उपचार क्या है?

वायुजनित वायरस द्वारा होने वाले संक्रमण के इलाज में दवा प्रभावी नहीं होती है। दूसरी ओर, यदि आप जिस वायरस से संक्रमित हुए हैं वो फ्लू का वायरस है, तो लक्षणों की शुरुआत के 48 घंटों के भीतर एंटीवायरल दवाएं लेने से बीमारी की अवधि कम हो सकती है।

1. आराम करना: सर्दी और फ्लू जैसे सामान्य वायरस के कारण जितने भी संक्रमण होते हैं, उनके परिणामस्वरूप परेशान करने वाले लक्षण उत्पन्न होते हैं। इन लक्षणों को घर पर आराम करके और पेय पदार्थों की मात्रा को बढ़ाकर आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

2. अस्पताल में भर्ती कराना: यदि श्वसन संबंधी कठिनाइयाँ या डिहाइड्रेशन हो जाए, तो अस्पताल में भर्ती करना आवश्यक हो सकता है।

3. दवाएं: कुछ स्थितियों में एंटीवायरल दवाएं दी जा सकती हैं। एफडीए द्वारा अधिकृत चार एंटीवायरल हैं:

  • टैमीफ्लू (ओसेल्टामिविर फॉस्फेट)
  • रेलेंज़ा (ज़नामिविर)
  • रैपिवैब (पेरामिविर)
  • ज़ोफ़्लुज़ा (बालोक्सविर मार्बॉक्सिल)

4. लक्षणों को प्रबंधित करना: हवा के माध्यम से फैलने वाले वायरस के लक्षणों का इलाज करने के लिए कई ओवर-द-काउंटर दवाओं का उपयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए, एसिटामिनोफेन जैसी ओवर-द-काउंटर "एनाल्जेसिक" का उपयोग बुखार, गले में खराश और शरीर के दर्द के इलाज के लिए किया जा सकता है।

वायुजनित रोग से बचाव कैसे करें?

1. अपने हाथ बार-बार धोएं: किसी भी सार्वजनिक शौचालय का उपयोग करने, खांसने, छींकने या नाक साफ करने के बाद हमेशा अपने हाथों को साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक धोएं।

2. आमतौर पर छुई जाने वाली सतहों को साफ और स्वच्छ करें: दरवाज़े के हैंडल, लाइट स्विच और काउंटर उन सतहों के उदाहरण हैं जिन्हें रोज़ाना साफ और स्वच्छ किया जाना चाहिए।

3. पर्याप्त आंतरिक वेंटिलेशन बनाए रखें: बासी हवा से छुटकारा पाने और वायु कणों के संचय को रोकने के लिए, एग्जॉस्ट फैन का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। साथ ही, ताज़ी हवा को घर में प्रवेश करने ददने के लिए, दरवाज़े और खिड़कियों को कुछ देर के लिए खोल दें। 

4. टीकाकरण: इन्फ्लूएंजा और कोविड ​​​​-19 जैसी वायुजनित बीमारियों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है: टीकाकरण। 

5. खांसते या छींकते समय स्वच्छता बनाये रखें: खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को एक टिश्यू से ढकने का प्रयास करें, और उपयोग के बाद इसे ठीक से कूड़ेदान में फेक दें। यदि आपके पास कोई टिश्यू नहीं है, तो अपनी आस्तीन या कोहनी में छींकने और खांसने का प्रयास करें।

6. मास्क पहनें: आप तक पहुंचने वाली बूंदों या कणों की संख्या को सीमित करके, मास्क आपको वायुजनित बीमारियों से बचाने में मदद करता है।

7. बीमार लोगों के निकट संपर्क से दूर रहें: यदि आस-पास कोई बीमार है, तो उनसे दूरी बनाए रखने का प्रयास करें। 

वायु जनित रोग हल्की भी हो सकती है और गंभीर भी हो सकती है। बीमारी कभी बताकर नहीं आती है। ऐसे में आपको वित्तिय रूप से हमेशा तैयार रहना चाहिए या दूसरा विकल्प अपने और अपने परिवार का हेल्थ इंश्योरेंस कराना चाहिए। हेल्थ इंश्योरेंस आपको बीमारी के खर्चों से बचाता हैं, जहां आप पैसों की टेंशन लिए बिना अपना इलाज अच्छे हॉस्पिटल में आसानी से करा सकते हैं। आप केयर हेल्थ के फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस प्लान (Family Health Insurance Plan) को खरीद सकते हैं। जहां आपको एक ही प्लान में पूरे परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रदान किया जाता है। 

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डिस्क्लेमर: यह लेख आपके सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह की बिमारी होने पर, गंभीर होने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें। स्वास्थ्य बीमा प्लान के लाभ, सुविधाएँ और कवरेज अलग-अलग हो सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए ब्रोशर, सेल्स प्रोस्पेक्टस, नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।

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