नस पर नस चढ़ने की समस्या बहुत आम है। यह समस्या लगभग हर किसी के साथ कभी न कभी देखने को मिल ही जाती है। वैसे तो यह अपने आप ठीक हो जाती है लेकिन इसके पीछे कोई गंभीर कारण भी हो सकते हैं। वैसे यह समस्या ज्यादातर सोते समय देखने को मिलती है, लेकिन यह कभी भी हो सकती है, जैसे उठते या बैठते समय, अंगड़ाई लेते समय या एक्सरसाइज करते समय, इत्यादि। आइए जानते हैं, नस चढ़ने के क्या कारण हैं, पैर की नस चढ़ने पर क्या करे, विटामिन बी12 की कमी से पैरों पर क्या असर पड़ता है, इत्यादि।
नस चढ़ना क्या होता है?
नस पर नस चढ़ना भले ही आम समस्या है, लेकिन इसमें आपको असहनीय दर्द भी हो सकते हैं। नस पर नस चढ़ने के दौरान प्रभावित नस कुछ देर के लिए काम करना बंद कर देती है। वैसे तो यह नुकसान नहीं पहुंचाती है लकिन कभी कभी यह दर्दनाक स्थिति भी पैदा कर सकती है। ऐसे में मांसपेशियों में अचानक दर्द होने के पीछे का कारण मसल्स टेंडन में कुछ खराबी हो सकती है। नस पर नस चढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे खान-पान की गलत आदतें, शरीर में पोषक तत्वों की कमी, खराब लाइफ स्टाइल, स्ट्रेस इत्यादि।
नस चढ़ने के लक्षण क्या है?
नस चढ़ने के कई लक्षण हो सकते हैं, हाथ, बाजू, जांघ या पैर की नस चढ़ने के लक्षण निम्नलिखित है:-
- किसी स्थिती में अचानक तेज दर्द का होना
- पीठ और गर्दन के आस पास के क्षेत्रों में दर्द होना
- हाथों की पकड़ ढीली पड़ जाना
- खड़े होने में परेशानियों का सामना करना
- चलने में दिक्कत होना
- घूटने के निचले भाग में खिचांव होना
नस पर नस चढ़ने की समस्या शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है, लेकिन ज्यादातर निम्नलिखित अंगों पर इसके प्रभाव देखने को मिलते हैं:-
- पैर
- बाजू
- हाथ
- जांघ
- पेट
डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
नस पर नस चढ़ने की समस्या आम है लेकिन यदि निम्नलिखित स्थितियां बनती है तो आपको डॉक्टर से परामर्श करने की जरूरत हो सकती है।
- यदि नस पर नस चढ़ने की स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है।
- यदि नस पर नस चढ़ने की स्थिति में गंभीर स्थितियां पैदा होती है।
- यदि इस वजह से दर्द की स्थिति पैदा हो या कमजोरी महसूस हो।
- त्वचा के रंगो में बदलाव होना
- खुद ठीक नहीं होना
- बार-बार यह स्थिति उत्पन्न होना
- सूजन होना या लालिमा
- मांसपेशियों में कमजोरी, इत्यादि।
नस चढ़ने का कारण क्या है?
नस चढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, कुछ मख्य कारण निम्नलिखित है:-
- कोई भी काम करने के दौरान ज्यादातर एक ही मांसपेशी का इस्तेमाल करना।
- डिहाइड्रेशन
- गलत पोश्चर में बैठना
- विटामिन बी12 की कमी
- आयरन की कमी
- शरीर में विटामिन सी की कमी
- पीठ या गर्दन का कोई नस दब जाना
- हीमोग्लोबिन की कमी के कारण नस चढ़ने की समस्या
- कैल्शियम, मैग्निशियम या पोटेशियम की कमी होना।
- पर्याप्त मात्रा में मांशपेशियों में खून का नहीं पहुंचना।
- कुछ दवाओं के इस्तेमाल करने से भी नस पर नस चढ़ने की स्थिति बन सकती है।
नस चढ़ने का इलाज क्या करें?
अक्सर नस चढ़ने की समस्या अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन इसके अलावा कुछ घरेलू उपायों के द्वारा भी नस चढ़ने की समस्या का इलाज किया जा सकता है। क्या आप जानते हैं, पैर की नस चढ़ने का इलाज क्या है या पैर की नस चढ़ने पर क्या करे, इसके निम्नलिखित घरेलू उपाय है:-
- शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें।
- हेल्दी डाइट का सेवन करें।
- गुनगुने तेल से दर्द वाली जगह पर मालिश करना।
- रात को सोते समय पैरों के नीचे तकिया रखें।
- ठंडी और गर्म चीजों से सिकाई करें।
- यदि यह समस्या बार-बार होती है तो डॉक्टर से परामर्श करें।
सारांश
शरीर के किसी भी हिस्से में नस का चढ़ना बहुत आम समस्या है, लेकिन यह स्थिति बने रहना बहुत बड़ी चीज है। कभी-कभी नस चढ़ने की स्थिति बहुत गंभीर हो सकती है और ऐसे में आपको डॉक्टर से परामर्श करने की जरूरत हो सकती है। नस चढ़ने के कई लक्षण हो सकते हैं, अचानक तेज दर्द का होना, पीठ और गर्दन के आस पास दर्द होना, पकड़ ढीली पड़ना, घूटने के निचले भाग में खिचांव, इत्यादि। इसके मुख्य कारण व्यक्ति का काम करने के दौरान ज्यादातर एक ही मांसपेशी का इस्तेमाल करना, डिहाइड्रेशन, गलत पोश्चर में बैठना, विटामिन बी12 की कमी, आयरन, विटामिन सी और हीमोग्लोबिन की कमी, इत्यादि है।
इसके इलाज के लिए हेल्दी डाइट का सेवन करना, सोते समय पैरों के नीचे तकिया रखना, ठंडी और गर्म सिकाई करना, हाइड्रेट रहना, इत्यादि है। यदि यह समस्या आपको बार बार होती है तो डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है। नस चढ़ने की समस्या किसी और गंभीर कारणों से भी हो सकती है, ऐसे में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए स्वास्थ्य बीमा (mediclaim insurance policy)जरूर करा कर रखें। स्वास्थ्य बीमा आपको किसी भी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वित्तीय रूप से सहायता प्रदान करता है। आप केयर हेल्थ के क्रिटिकल इलनेश प्लान (Critical Illness Plan) को खरीद सकते हैं, जहां आपको 30 से ज्यादा बीमारियों के लिए कवरेज प्रदान की जाती है। साथ ही, प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन, एंबुलेंस कवर, डे-केयर ट्रीटमेंट, वार्षिक स्वास्थ्य जांच, इत्यादि जैसी कई स्वास्थ्य सुविधाएं भी प्रदान की जाती है।
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