आजकल सिरदर्द एक आम समस्या बन गई है। लेकिन क्या आप जानते है कि हर सिरदर्द साधारण नहीं होता? अगर आपको भी अक्सर सिर के एक हिस्से में तीव्र दर्द होता है जो आंखों तक पहुंच जाता है, तो यह साधारण सिरदर्द नहीं, बल्कि माइग्रेन हो सकता है।
हाल ही में की गई एक रिसर्च के अनुसार, भारत में हर 4 में से 1 व्यक्ति माइग्रेन से जूझ रहा है। आइए, हम विस्तार से जानते है कि माइग्रेन का दर्द क्यों होता है, माइग्रेन के उपाय और लक्षण क्या है?
माइग्रेन क्या है? (What is Migraine)
माइग्रेन एक तरह का सिरदर्द है जो खासकर सिर के आधे हिस्से को प्रभावित करता है। यह मध्यम से लेकर गंभीर तक होता है। माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जो बार-बार लौटती है और यह लगभग 4 से 72 घंटे तक रह सकता है। इसमें सिर के एक हिस्से में तीव्र, धड़कन जैसा दर्द (Throbbing Pain) महसूस होता है।
माइग्रेन वंशानुगत हो सकता है। इसका मतलब है कि जो लोग माइग्रेन से प्रभावित है, उनमें से आधे से अधिक लोगों के करीबी रिश्तेदारों को माइग्रेन हो सकता है।
माइग्रेन के लक्षण और उपचार
विश्वस्तर पर करोड़ो लोग इससे प्रभावित है। माइग्रेन को समझने के लिए माइग्रेन के प्रकार (Types of Migraine) को जानना जरूरी है। आइए, माइग्रेन के सभी प्रकारों को विस्तार से जाने।
क्लासिक माइग्रेन (Migraine with Aura): इसमें दर्द शुरू होने से 15 से 30 मिनट पहले आँखों के सामने धुंधलापन, टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएं दिखना या हाथ-पैरों में झुनझुनाहट महसूस होना जैसे लक्षण शामिल है। इस उपप्रकार में कुछ मिनटों प्रतिवर्ती दौरे पड़ते है।
कॉमन माइग्रेन (Migraine without Aura): यह दर्द 4 से 72 घंटे तक रहता है, और शारीरिक गतिविधि से बढ़ जाता है। कॉमन माइग्रेन प्रकाश (फोटोफोबिया) और ध्वनि संवेदनशीलता (फोनोफोबिया) से जुड़ा होता है। इसमें बिना किसी चेतावनी के अचानक से तेज दर्द शुरू हो जाता है। यह सबसे अधिक पाया जाने वाला प्रकार है।
क्रोनिक माइग्रेन (Chronic Migraine): वैश्विक आबादी का लगभग 1% हिस्सा क्रोनिक माइग्रेन से पीड़ित है। यह एक महीने में 15 या उससे अधिक दिनों तक होता है, जिसमें माइग्रेन के लक्षण एक महीने में कम से कम 8 या उससे अधिक दिनों तक मौजूद रहते है। इसमें आपको मल त्याग (Bowel Movements) में बदलाव का अनुभव हो सकता है, जैसे कि दस्त।
हेमिप्लेजिया माइग्रेन (Hemiplegic Migraine): यह माइग्रेन का एक दुर्लभ रूप है, जो सामान्य आबादी के 0.01% लोगों को प्रभावित करता है। इसमें शरीर के एक हिस्से में कमजोरी महसूस होती है, जो कभी-कभी स्ट्रोक जैसा भ्रम पैदा कर सकती है। यदि आपके परिवार में किसी को माइग्रेन है, तो आपको भी इस प्रकार का माइग्रेन होने की संभावना अधिक है।
हेमिप्लेजिया माइग्रेन से पीड़ित लोगों को निम्नलिखित लक्षण भी हो सकते है:
- सिरदर्द
- बुखार
- थकान
- चक्कर आना
माइग्रेन का दर्द क्यों होता है?
माइग्रेन का कोई एक निश्चित कारण नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार मस्तिष्क में रसायनों (जैसे सेरोटोनिन) के स्तर में असंतुलन और रक्त कोशिकाओं (blood vessels) में सूजन के कारण यह दर्द होता है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित है:
- तनाव और चिंता: आज की जीवनशैली में मानसिक तनाव का होना एक आम बात है। लेकिन यह माइग्रेन के होने का सबसे बड़ा कारण भी है।
- नींद की कमी: हमारे सोने और जागने का समय न केवल हमारी जीवन शैली के लिए बल्कि माइग्रेन के लिए भी खतरनाक है।
- हार्मोनल परिवर्तन: एस्ट्रोजन, जो महिलाओं में पाया जाने वाला एक मुख्य हार्मोन है, के स्तर में उतार-चढ़ाव के कारण माइग्रेन की समस्या महिलाओं में अधिक पाई जाती है।
- तेज गंध और रोशनी: तेज गंध (जैसे परफ्यूम या अन्य तीव्र गंध), तेज या चमकती रोशनी, या तेज आवाज माइग्रेन के दर्द को बढ़ावा दे सकती है।
- मौसम में बदलाव: अधिक उमस भरा मौसम या अचानक ठंडी हवा चलना भी माइग्रेन की समस्या उत्पन्न करता है।
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महिलाओ और पुरुषो में माइग्रेन (Migraine in Men Vs Women)
पबमेड पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, माइग्रेन केवल एक सिरदर्द नहीं, बल्कि एक बड़ा आर्थिक और सामाजिक बोझ बन चूका है। इस शोध के कुछ मुख्य बिंदु है:
भारत में माइग्रेन की व्यापकता पुरुषो के मुकाबले महिलाओ में 3 गुना अधिक है। यह देखा गया है कि 15 से 49 वर्ष की महिलाएं, जो अपने करियर के महत्वपूर्ण पड़ाव पर होती है, इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होती है।
माइग्रेन के दर्द के कारण एक व्यक्ति साल के लगभग 17 दिन काम पर जाने में असमर्थ होता है। इसका मतलब है कि माइग्रेन की वजह से प्रति व्यक्ति सालाना लगभग ₹8,731 आर्थिक नुकसान होता है।
महिलाओं में यह समस्या ज्यादा क्यों होती है? (What causes migraine in females)
महिलाओं में माइग्रेन के अधिक प्रभाव का मुख्य कारण मेंस्ट्रुएशन (menstruation) के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव, घर और बाहर की जिम्मेदारी से उत्पन्न तनाव और पोषण की कमी को माना गया है।
माइग्रेन के लिए घरेलू उपाय
माइग्रेन के दर्द से है परेशान? जानिए माइग्रेन का इलाज कैसे करे।
दवाइयों के साथ साथ, माइग्रेन के उपाय में घरेलू नुस्खे बेहतर असरदार साबित होते है। आइए, माइग्रेन का दर्द कम करने के उपाय के बारे में जानते है।
- अदरक: अदरक में 'जिंजरोल' (Gingerol) नामक तत्त्व होता है जो दर्द निवारक दवा की तरह काम करता है।
- बर्फ की सिकाई: बर्फ नसों को सुन्न कर देती है। जिससे दर्द में आराम मिल जाता है।
- अंधेरे में आराम: क्योंकि माइग्रेन में 'फोटोफोबिया' (Photophobia) होता है, इसलिए एक शांत कमरे में लाइट बंद करके लेटने से दर्द में आराम मिलता है।
- हाइड्रेशन: शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) माइग्रेन को बढ़ावा देता है।
माइग्रेन में परहेज: क्या खाएं और क्या न खाएं?
सही आहार माइग्रेन की आवृति को 50% कम करने में मदद कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुरुआती लक्षण को पहचान लिए जाए, तो माइग्रेन के लिए घरेलू उपचार दवाओं से कहीं अधिक सुरक्षित और प्रभावी साबित हो सकते है।
माइग्रेन में क्या खाना चाहिए?
- मैग्नीशियम (Magnesium): पालक, कद्दू के बीज, बादाम और डार्क चॉकलेट में मैग्नीशियम पाया जाता है जो मांसपेशियों और नसों को आराम देता है।
- ओमेगा-३ फैटी एसिड (Omega-3 Fatty Acid): अलसी के बीज और अखरोट नसों की सूजन को कम करने में सहायक होता है।
- हर्बल टी (Herbal Tea): पुदीना या कैमोमाइल चाय नसों को शांत करने में सहायता देते है।
माइग्रेन में क्या नहीं खाना चाहिए?
- कैफीन (Caffiene): कैफीन या चाय का का अधिक सेवन माइग्रेन के दर्द को बड़ा सकता है।
- प्रोसेस्ड फ़ूड: पुराना पनीर और डिब्बाबंद भोजन में 'टायरामाइन' होता है जो दर्द को ट्रिगर करता है।
- अजीनोमोटो (Ajinomoto): चाइनीज फ़ूड में मिलने वाला यह सॉल्ट माइग्रेन के मरीजों के लिए खतरनाक है।
- शराब और धूम्रपान: यह शरीर को डिहाइड्रेट करते है और नसों में सूजन बढ़ाते है।
माइग्रेन का इलाज कैसे करें?
चिकित्सीय इलाज और जीवनशैली को संतुलन करने से माइग्रेन को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त कुछ उपाय निम्नलिखित है:
- दवाएं जैसे ट्रिप्टन्स (सुमाट्रिप्टान) और एंटी-नॉजिया दवाएं
- योग और ध्यान
- एक्यूप्रेशर
- बायोफीडबैक थेरेपी
- आयुर्वेदिक चिकित्सा
ध्यान दे, माइग्रेन का इलाज तभी सफल होता है जब आपको अपने 'ट्रिगर्स' (Migraine Triggers) का पता हो। इसलिए जरुरी है की आप एक डायरी में लिखे:
- दर्द कब शुरू हुआ?
- दर्द से पहले आपने क्या खाया था?
- मौसम कैसा था?
- क्या आप तनाव में थे?
यह आपके डॉक्टर को सही माइग्रेन के उपाय सुझाने में मदद करेगी।
निष्कर्ष
माइग्रेन का दर्द असहनीय हो सकता है, लेकिन माइग्रेन के उपचार, सही खानपान और तनाव मुक्त जीवनशैली के साथ साथ, माइग्रेन के लिए घरेलू उपचार अपनाकर इसे नियंत्रित किया जा सकता है। सही समय पर लिया गया माइग्रेन का परहेज और डॉक्टर से परामर्श आपको एक दर्द-मुक्त जीवन दे सकता है।
जब आंकड़े बताते है की माइग्रेन आपकी सालाना कमाई और कार्यक्षमता को इतना प्रभावित कर सकता है, तो स्वस्थ्य बीमा का महत्त्व और भी बढ़ जाता है। एक सही बीमा योजना न केवल आपको विशेषज्ञों तक पहुंच प्रदान करती है, बल्कि इस बीमारी के कारण होने वाले आर्थिक बोझ को कम करने में भी आपकी ढाल बनती है। केयर हेल्थ इन्शुरन्स के हेल्थ प्लान्स आपको ओपीडी कवर और परामर्श की सुविधा प्रदान करते है।
डिस्क्लेमर: उपरोक्त जानकारी केवल संदर्भ उद्देश्यों के लिए है। सही सलाह के लिए कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श करें। स्वास्थ्य बीमा लाभ पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अधीन हैं। अधिक जानकारी के लिए अपने पॉलिसी दस्तावेज़ पढ़ें।