बादाम, दुनिया में सबसे लोकप्रिय ट्री नट्स में से एक हैं। सबसे पहले बादाम, सोलहवीं शताब्दी में फ़ारसी लोगों के द्वारा कश्मीर में लाए गए थे। लेकिन अब, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में भी खेती में वृद्धि देखी जा रही है। बादाम का दूसरा नाम है “प्रूनस डलसिस” पर आम भाषा में लोग इसे बादाम कहते हैं।
बादाम को कच्चा, टुकड़ों में काटकर, या आटे या मक्खन के साथ प्रोसेस करके भी खा सकते हैं। इनसे बादाम का दूध भी बनाया जा सकता है। इन मेवों की त्वचा झुर्रीदार होती है और इनकी ऊपरी परत थोड़ी सख्त होती है। छिल्के के प्रकार के आधार पर बादाम कई प्रकार के होते हैं। कहा जाता है कि सबसे अच्छी किस्म कैलिफ़ोर्निया किस्म है। अन्य प्रकार हैं: हरे बादाम, मोलर, सनोरा, फेराडुअल, मैचलेस बादाम और कारमेल बादाम।
बादाम में कौन कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?
बादाम में बहुत सारे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जैसे कि: एनर्जी, फैट, प्रोटीन, फाइबर, पोटैशियम, फ़ास्फ़रोस, मैग्नीशियम, कैल्शियम, विटामिन-ई, ओमेगा-3 फैटी एसिड्स और आयरन।
बादाम की खूबियां:
- इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण हो सकते हैं।
- इसमें एंटीट्यूमर गुण हो सकते हैं।
- इसमें अंतर्निहित संवेदनाहारी गुण हो सकते हैं।
- इसमें हेमेटिनिक गुण हो सकते हैं।
- इसके संज्ञानात्मक(कॉग्निटिव)-बढ़ाने वाले प्रभाव हो सकते हैं।
- इसमें कार्डियोप्रोटेक्टिव गुण हो सकते हैं।
बादाम खाने के फायदे क्या है?
- विटामिन ई - बादाम में पाए जाने वाले विटामिन ई और अन्य एंटीऑक्सीडेंट सेल डैमेज को रोकने में मदद करते हैं। शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स, अस्थिर रसायन होते हैं, जो यदि समाप्त न हों तो सेल्स(कोशिकाओं) को नुकसान पहुंचाते हैं। विटामिन ई जैसे एंटीऑक्सीडेंट इन फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं। इस प्रकार, विटामिन ई, जो बादाम में प्रचुर मात्रा में होता है, फ्री रेडिकल्स से होने वाली क्षति की रोकथाम में सहायता करता है और साथ ही इम्मयूनिटी को भी बढ़ावा देता है।
- हेल्दी फैट्स - मोनोअनसैचुरेटेड फैट से भरपूर, बादाम "अच्छे" कोलेस्ट्रॉल के स्तर में योगदान करते हैं। बादाम में उच्च मात्रा में अच्छे फैट्स होते हैं। इनमें मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स की कंसंट्रेशन बहुत ज्यादा होती है, जो "अच्छे" एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ावा देती है। आपके आहार में पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ फैट्स शामिल होने चाहिए। ऊर्जा के स्तर और सेल फंक्शन को सही से बनाए रखने के लिए, व्यक्ति को स्वस्थ फैट्स का सेवन अवश्य करना चाहिए।
- कोलेस्ट्रॉल - बादाम खाने से "खराब" कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है। बादाम में रक्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल को कम करने और हृदय रोग के जोखिम को कम करने की क्षमता होती है। इनमें मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं, जो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल, या "खराब" कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही, बादाम एचडीएल या स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकते हैं।
- ब्लड प्रेशर - बादाम में मैग्नीशियम की मात्रा अधिक होती है जिससे रक्तचाप कम होता है। बादाम में प्रचुर मात्रा में मैग्नीशियम मौजूद होता है, जो सूजन और कोलेस्ट्रॉल को कम करने के अलावा रक्तचाप को भी कम करता है। बादाम जैसे मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ खाने से रक्तचाप को कम करने में मदद मिल सकती है, जो मैग्नीशियम की कमी का एक और प्रभाव है।
- फाइबर - बादाम हृदय को स्वस्थ रखने वाले फाइबर और मांसपेशियों का निर्माण करने वाले प्रोटीन से भरपूर होते हैं। एक औंस बादाम में लगभग 4 ग्राम फाइबर और 6 ग्राम से थोड़ा अधिक प्रोटीन पाया जाता है। प्रोटीन हमारे शरीर के बिल्डिंग ब्लॉक्स होते हैं और मांसपेशियों के विकास के लिए आवश्यक हैं। प्रोटीन एक अन्य मैक्रोन्यूट्रिएंट है जो आपको वजन कम करने या स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद करता है। बादाम में उच्च मात्रा में फाइबर होता है, जो आंत और हृदय के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
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बादाम खाने के नुकसान क्या है?
जैसे कि हम सभी जानते हैं कि बादाम हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है, इसलिए हम सभी शारीरिक और मानसिक कल्याण के लिए इन पोषक तत्वों से भरपूर पावरहाउस का सेवन अवश्य करते हैं। हालाँकि, कुछ शोध बताते हैं कि बादाम का अधिक सेवन करने से कुछ स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी हो सकते हैं।
1. एलर्जी: अगर आपको अखरोट से एलर्जी है तो आपको बादाम और अन्य सभी प्रकार के नट्स से दूर रहना चाहिए। एलर्जी के लक्षण है: गले में दर्द, मुँह में कैविटी में खुजली, सूजे हुए होंठ, जीभ और गाल।
2. कब्ज: हालांकि बादाम आहार फाइबर का एक बड़ा स्रोत है जिसकी हम सभी को अपनी आंतों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आवश्यकता होती है, लेकिन कभी-कभी बहुत अधिक बादाम खाने से कब्ज हो सकता है।
3. वजन बढ़ना: एक औंस बादाम में लगभग 160 कैलोरी होती है। इसलिए, यदि इन्हें प्रोसेस्ड या अस्वास्थ्यकर भोजन के साथ खाया जाता है तो आपका वजन बढ़ सकता है।
4. किडनी स्टोन: जबकि बादाम ज्यादातर लोगों के लिए स्वस्थ माने जाते हैं, उनमें ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होती है, और किडनी स्टोन वाले लोगों को अधिक मात्रा में बादाम खाने से बचना चाहिए।
5. सीने में जलन: यदि आपको कभी एसिड रिफ्लक्स या गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी) का निदान हुआ है, तो आपको बादाम का सेवन सीमित करना चाहिए क्योंकि उनमें वसा की मात्रा अधिक होती है।
6. विटामिन ई का अधिक सेवन: शरीर में विटामिन ई की अधिक मात्रा से रक्त के जमने के कार्य में रुकावट आती है और रक्तस्राव जैसे गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
भीगे बादाम खाने के फायदे क्या है?
- पाचन को आसान बनाएं: बादाम में सख्त, कठोर बनावट होती है जिससे उन्हें पचाना मुश्किल हो सकता है। हालाँकि, भिगोने से वे नरम हो जाते हैं, जिससे संभवतः शरीर उनको आसानी से पचा सकता है।
- कुछ पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ता है: भिगोने से बादाम को चबाना आसान हो जाता है, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ जाता है।
- स्वाद और टेक्सचर का बढ़ाता है: भिगोने से बादाम की बनावट और स्वाद बढ़ जाता है। कच्चे बादाम सख्त और कुरकुरे होते हैं, टैनिन के कारण इनका स्वाद थोड़ा कड़वा होता है। भिगोने पर, वे नरम, कम कड़वे और मक्खन जैसे स्वाद वाले हो जाते हैं।
सुबह खाली पेट बादाम खाने के फायदे क्या है?
सुबह खाली पेट बादाम खाने के फायदे निम्नलिखित है:-
- पाचन को आसान बनाता है
- एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है।
- वजन घटाने में सहायक होता है।
- त्वचा के लिए फायदेमंद होता है।
- पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ता है।
- मस्तिष्क के कार्यों को बढ़ावा देता है।
- ब्लड शुगर लेवल को बेहतर बनाने में मदद करता है।
- कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रबंधित करने में मदद करता है।
सोने से पहले बादाम खाने के फायदे
यदि आप रात को सोने से पहले ऐसा स्नैक खाना चाहते हैं जो रात में आपकी नींद की गुणवत्ता में सुधार करे तो बादाम एक अच्छा विकल्प है। बादाम में ट्रिप्टोफैन पाया जाता है जो हार्मोन मेलाटोनिन का एजेंट है और नींद को बढ़ावा देता है। हमारे सोने-जागने के चक्र मेलाटोनिन द्वारा नियंत्रित होते हैं, यही कारण है कि सोने से पहले बादाम का सेवन करने से नींद अच्छी आती है।
छिलके सहित बादाम खाने के फायदे
बादाम को छिलके के बिना खाने पर स्वास्थ्य के लिए कोई खतरा नहीं होता है। स्वास्थ्य कारणों से कई फलों, सब्जियों और नट्स के छिलकों में पाए जाने वाले एंटी-पोषक तत्वों से बचना चाहिए। फिर भी, बादाम का छिलका अन्य खाद्य सामग्री की तुलना में अपेक्षाकृत हानिरहित होता है।
बादाम को खाने से पहले भून लें या फिर रात भर पानी में भिगो लें क्योंकि कच्चे बादाम में मौजूद पोषण सही से अवशोषित नहीं हो पाते हैं। भूनने या भिगोने से बादाम चबाने में आसान और अधिक स्वादिष्ट हो जाते हैं। साथ ही भूनने या भिगोने से, बादाम के छिलके में मौजूद एंटी-न्यूट्रिएंट कम हो जाते हैं, जिससे अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्वों का पाचन और अवशोषण आसान हो जाता है।
वैसे तो बादाम शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है, लेकिन किसी भी चीज की आवश्यक्ता से ज्यादा सेवन हानिकारक भी हो सकता है। इसलिए, संतुलित आहार का सेवन सभी के लिए बहुत जरूरी है। आज के समय में स्वास्थ्य बीमा कवर(best Health insurance coverage) लेना एक समझदारी का सौदा है, यह आपको किसी भी बीमारी से लड़ने में वित्तिय रूप से तैयार रखता है। आप केयर हेल्थ के फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस प्लान (Family Health Insurance) को ले सकते हैं, जहां आपको एक ही प्लान में परिवार के सभी सदस्यों का बीमा हो जाता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। बादाम के खाने के कई स्वास्थ्य लाभ है, लेकिन ध्यान रहे किसी भी तरह की एलर्जी होने पर डॉक्टर से तत्काल परामर्श हैं। बी्मा प्लान की लाभ, सुविधाएँ और कवरेज अलग-अलग हो सकते हैं। कृपया ब्रोशर, सेल्स प्रोस्पेक्टस, नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।