रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर के लक्षण और इलाज क्या है

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रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर के लक्षण और इलाज क्या है

रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर होने का मतलब होता है कि आपकी रीढ़ यानी कशेरुका को बनाने वाली एक या एक से अधिक हड्डीयों का फ्रैक्चर होना। कुल छोटी-छोटी 33 हड्डियों से रीढ़ की हड्डी बनी होती हैं, जो कशेरुका के नाम से जाना जाता है, जो आपको सीधे खड़े होने में, झुकने में या मुड़ने में सहायता करते हैं। रीढ़ की हड्डी का फ्रैक्चर बाकी शरीर के अंगों के फ्रैक्चर जैसे पैर, हांथ से भिन्न होता है। इसके फ्रैक्चर में चुभन महसूस होती है और जुड़ी नसों को नुकसान पहुंच सकता है। 

रीढ़ की हड्डी में चोट, गोली लगने, एक्सीडेंट होने, खेलने या गिरने आदि से लग सकती है। जिसके कारण शरीर की मांसपेशियों में मोच या हड्डीयों में फ्रैक्चर हो सकता है। इसमें हड्डी मौजूदा जगह से खिसक सकती है या गंभीर नुकसान हो सकता है। इसमें चोट अलग-अलग तरह की होती हैं जिसमें कुछ तो इलाज के द्वारा ठीक किए जा सकते हैं, लेकिन कुछ के लिए ऑपरेशन यानी सर्जरी की भी आवश्यक्ता पड़ सकती है। 

रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर कितने प्रकार के होते हैं?

दबाव के कारण फ्रैक्चर

इस तरह के फ्रैक्चर में आगे के हिस्सा फ्रैक्चर होता है और लम्बाई घट जाती है, इसमें पीछे वाले हिस्से को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। आमतौर पर यह फ्रैक्चर ट्यूमर या ओस्टियोपोरोसिस की वजह से होता है। इसमें आपको काफी दर्द भी हो सकते हैं और कोई लक्षण भी नहीं दिखते। 

धुरी से जुड़ा हुआ फ्रेक्चर 

धुरी संबंधी फैक्चर आमतौर पर जब ऊंचाई से पैरों पर बल देते हुए जमीन पर गिरकर खड़े होने से होता है। इसमें हड्डी के अगले और पीछले हिस्से की लम्बाई घट जाती है। इस तरह की दुर्घटना में सर्जरी करानी पड़ सकती है।

गर्दन झुकने से फ्रैक्चर

इस तरह का फ्रैक्चर झटके से गर्दन का आगे झुक जाने से होता है। ऐसा एक्सीडेंट होने की वजह से भी हो सकता है जिसमें रीढ़ की हड्डी खींच जाती है। इसमें शरीर का उपरी भाग आगे की तरह खिंच जाता है और कुल्हा अपने स्थान पर ही रहता है। 

रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर होने के लक्षण क्या है? 

फ्रैक्चर होने के निम्नलिखित लक्षण है:- 

  • यदि आपको पीठ की हड्डी में फ्रैक्चर की समस्या है तो आपको तेज दर्द महसूस हो सकता है। आमतौर पर यह दर्द आपको हड्डी के नीचले या बीच के भाग में हो सकता हैं। दर्द हड्डी के दोनों तरफ या आगे के हिस्से में भी हो सकता है। इसे सही होने में कई हफ्ते से लेकर कई महिने भी लग सकते हैं।
  • समय बढ़ने के साथ लम्बाई का घटना और शरीर का झुकना।
  • आपके पीठ का दर्द जो आराम करने पर पता नहीं चलता है और चलते समय बढ़ जाता है।

रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ने से निम्नलिखित दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है:-

  • झुनझुनी का होना
  • चलने में कठीनाई का सामना करना
  • सुन्नता
  • कमजोरी होना
  • सोते समय दर्द का बढ़ना

रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर के कारण क्या है?

रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर के जोखिम कारक निम्नलिखित हो सकते है

  • रीढ़ की हड्डी का खेलते समय क्षतिग्रस्त होना
  • एक्सीडेंट होना
  • गिर जाना

यदि किसी कारण वस रीढ़ की हड्डी में चोट आती है तो ये फ्रैक्चर का कारण बन सकती है।

रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर से कैसे बचें?

रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर से निम्नलिखित उपाय हो सकते हैं:-

  • सबसे पहले विटामिन डी और कैल्शियम से भरपूर आहार का सेवन करें।
  • अपने दिनचर्या में एक्सरसाइज को शामिल करें, कम से कम पैदल चलने की आदत डालें।
  • रीढ़ की हड्डी में किसी तरह के नुकसान से बचने के लिए ऑस्टियोपोरोसिस से बचें, यह हड्डीयों को कमजोर करती है, जिससे फ्रेक्चर होने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है।
  • किसी भी तरह के दुर्घटना से बचें।
  • गाड़ी चलाते समय या खेलते समय सुरक्षा उपकरण का उपयोग करें। 
  • तम्बाकू के सेवन से बचें, यह हड्डीयों को कमजोर बनाती है।

रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर के लिए कौन से टेस्ट किए जाते हैं? 

रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर के लिए निम्नलिखित टेस्ट किए जा सकते हैं:-

एक्स रे - यदि आपकी उम्र 60 साल से ज्यादा है और आपको चोट लगी है या कैंसर है तो आपके लिए एक्स रे किया जा सकता है। यदि आपकी उम्र 60 से कम है और किसी तरह की कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं है तो आपके लिए एक्स रे जरूरी नहीं है।

सीटी स्कैन - यदि आपको रीढ़ की हड्डी में किसी तरह का फ्रैक्चर हुआ है तो डॉक्टर आपको सिटी स्कैन के लिए कह सकते हैं। 

एमआरआई स्कैन - यदि आपको फ्रैक्चर है और आप मल-मूत्र को रोकने में असमर्थ हैं, हांथ व पैरों में कमजोरी लग रही है तो डॉक्टर आपको एमआरआई के लिए कह सकते हैं। 

रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर का इलाज क्या है?

रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर इलाज निम्नलिखित तरीकों से किया जा सकता है:-

नॉन-सर्जिकल ट्रीटमेंट - रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। इसके दर्द को खुद से ठीक होने में कम से कम 3 माह का समय लगता है। लेकिन इसकी स्थिती में कुछ दिनों में सुधार होने लगता है। दर्द के निवारण के लिए आप नीचे दिए गए उपाय को आजमा सकते हैं:-

  1. आराम करना - आराम करने से थोड़े टाइम के लिए दर्द से राहत मिलती है, लेकिन हड्डीयों को नुकसान हो सकता है और ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या बढ़ सकती है। आपेक हेल्थ एक्सपर्ट कुछ समय के लिए आपको आराम के लिए सलाह दे सकते है लेकिन ज्यादा आराम भी नुकसानदेह हो सकता है। 
  2. बेल्ट का उपयोग करना - रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर मामले में बेल्ट का भी उपयोग किया जा सकता है जिसके कारण आपको पीठ को सीधा रखने में मदद मिलता है और आपको दर्द से भी आराम मिलता है। बेल्ट का प्रयोग डॉक्टर के सलाह अनुसार ही करें नहीं तो कमर संबंधी समस्या या मांसपेशियों की कमजोरी भी हो सकती है। 

दर्द निवारक दवाओं का प्रयोग - डॉक्टर द्वारा देखने के बाद मेडिकल दुकान के दवाओं का प्रयोग करने से दर्द से राहत मिलती है। लेकिन इन दवाओं का ज्यादा समय तक उपयोग नहीं करना चाहिए ताकी इसकी आदत न लगे। 

सर्जरी - यदि आपको बेल्ट पहनने से, आराम करने से या दर्द निवारक दवाएं लेने से भी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर से आराम नहीं मिलता है तो सर्जरी की जरूरत पड़ती है। रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर को ठीक करने के लिए निम्नलिखित सर्जरी किए जा सकते है।

  1. कायफोप्लास्टी
  2. वर्टिब्रोप्लास्टी
  3. स्पाइनल फ्यूशन सर्जरी

रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर होना एक गंभीर समस्या है और इसका तत्काल इलाज करवाना चाहिए। यदि यह नॉन-सर्जिकल तरीके से ठीक नहीं होता है तो सर्जरी की जरूरत पड़ती है और यह आपको वित्तीय रूप से काफी प्रभावित करता है। किसी भी तरह की सर्जरी में आपको हेल्थ इंश्योरेंस काफी सहायक हो सकता है और आपको सर्जरी के खर्चों में सहायता करता है। हेल्थ इंश्योरेंस आपको हॉस्पिटल के खर्चों से बचाता है और आपको अस्पताल की टेंशन से भी दूर रखता है, साथ ही कई सारी स्वास्थ्य सुविधाएं भी प्रदान करता है। आप चाहें तो केयर हेल्थ के ऑप्रेशन मेडिक्लेम प्लान (Operation Mediclaim Plan) को ले सकते हैं और अपने सर्जरी के खर्चों से निजात पा सकते हैं। 

>> जाने: शरीर में कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए क्या खाएं?

डिस्क्लेमर: रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर की समस्या होने पर तत्काल डॉक्टर से परामर्श करें। इंश्योरेंस प्लान के दावों की पूर्ति पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अधीन है। कृप्या ब्रोशर और प्रॉस्पेक्टस को ध्यान पूर्वक पढ़ें।

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