डेंगू बुखार एक वायरल संक्रमण के कारण होता है और एडीज मच्छरों के काटने से फैलता है। मानसून का मौसम एक ऐसा समय होता है जब लोगों को गर्मी से राहत मिलती है। लेकिन, यह वह समय भी है, जब लोगों को डेंगू का खतरा अधिक होता है। इसलिए, बरसात के महीनों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। आइए जानते हैं, डेंगू कैसे होता है, डेंगू के लक्षण और उपाय क्या हैं , डेंगू का इलाज, इत्यादि।
डेंगू क्या है?
क्या आप जानते हैं, डेंगू किस मच्छर के काटने से होता है? डेंगू एक मच्छर जनित वायरल संक्रमण या बीमारी है, जो डेंगू मच्छर के काटने से फैलता है। यह बीमारी दुनिया के लाखों लोगों को प्रभावित करती है। इसे हड्डी तोड़ बुखार के नाम से भी जानते हैं। डेंगू में तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, सिरदर्द, आदि जैसी कई समस्याएं होती है। हांलाकि, ये वायरस 10 दिन से ज्यादा जीवित नहीं रहते हैं, लेकिन यदि गंभीर रूप ले लेते हैं तो पीड़ित व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। बीमारी का जल्द पता लगने से डेंगू के उपचार में, समय पर देखभाल करने में मदद मिलती है। इसलिए, जब डेंगू के खिलाफ सुरक्षा की बात आती है, तो लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
डेंगू के लक्षण क्या है? (Dengue ke Lakshan)
डेंगू से संक्रमित व्यक्ति के लिए डेंगू के लक्षण और उपाय निम्नलिखित है:
- तेज़ बुखार
- ठंड लगना
- जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द
- आँखों के पीछे दर्द
- थकान
- ऐंठन
- त्वचा पर लाल चकत्ते
- मतली और उल्टी
- मसूड़ों से खून आना
डेंगू के कारण क्या है?
डेंगू का मुख्य कारण संक्रमण है। डेंगू बीमारी एडीज मच्छरों के काटने से फैलता है। जब कोई संक्रित मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है तो वायरस उनके शरीर में प्रवेश कर जाता है और बीमारी बढ़ जाती है। इसके अलावा जब यह मच्छर किसी संक्रमित व्यक्ति को काटता है और फिर स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो यह वायरस उसके भी शरीर में चला जाता है और डेंगू का कारण बनता है।
डेंगू फीवर कितने दिन रहता है?
एक संक्रमित व्यक्ति में डेंगू फीवर के लक्षण 2 से 7 दिनों तक रह सकता है। कभी-कभी, किसी व्यक्ति में फ्लू जैसे हल्के लक्षण हो सकते हैं। गंभीर मामलों में, इसका परिणाम डेंगू रक्तस्रावी बुखार हो सकता है। इससे डेंगू शॉक सिंड्रोम हो सकता है, जिसमें बड़े पैमाने पर रक्तस्राव, ब्लड प्रेशर में गिरावट और यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है।
डेंगू के बचाव के उपाय क्या है?
बरसात के महीनों में उचित सुरक्षा उपायों के महत्व को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है उन्हें अधिक जोखिम का सामना करना पड़ता है। अभी, डेंगू की रोकथाम के उपाय के लिए कोई विशिष्ट टीका नहीं है। अपने आप को मच्छरों से बचाना आवश्यक है और इस बीमारी को रोकने के सबसे अच्छे तरीके नीचे दिए गए हैं।
डेंगू से बचाव के लिए घरेलू उपचार निम्नलिखित है:
- मच्छरों को दूर रखने के लिए मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट, क्रीम, कॉइल और स्प्रे का इस्तेमाल करें।
- बाहर जाते समय, पूरी बाजू की शर्ट और पूरी पैंट पहनें।
- खिड़की और दरवाजों को सुरक्षित करें या यदि आवश्यक हो तो मच्छरदानी का उपयोग करें।
- यदि संभव हो तो एयर कंडीशनिंग घर के अंदर इस्तेमाल करें।
- पानी को अपने घर के पास इकट्ठा न होने दें।
- कूलर, प्लांटर्स, स्टोरेज और पालतू जानवरों के कटोरे में बार-बार पानी बदलते रहें।
- बारिश के पानी में न खेलें।
- किचन में खाद्य पदार्थों को ढंक कर रखें।
- बाहर का खाना न खाएं।
- अपने हाथों को 20 सेकंड के लिए नियमित रूप से धोएं, विशेष रूप से भोजन से पहले।
- छींकने या खांसने के दौरान अपना मुंह और नाक ढक लें।
- हर कुछ घंटों में गर्म पानी पिएं।
डेंगू का इलाज क्या है? (Dengue ka Ilaj)
डेंगू के लिए कोई विशेष दवा या सटिक इलाज उपलब्ध नहीं है। यदि आपको डेंगू से जुड़े कोई भी लक्षण हैं, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श करनी चाहिए। डॉक्टर इसके लक्षणों को कम करने की दवा देते हैं। ऐसे समय में आप आराम करें और ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का सेवन करें, क्योंकि डेंगू के जल्दी ठीक होने के लिए आराम और शरीर का हाइड्रेट होना बहुत जरूरी है। इसमें आपको पानी या इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करना चाहिए।
डेंगू के उपचार की लागत ज्यादा हो सकती है। इसको देखते हुए, आपके पास अपनी बचत की सुरक्षा के लिए एक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान होना जरूरी है। ऐसे समय में वित्त संबंधी परेशानियों से बचने के लिए, हेल्थ इंश्योरेंस आपके बहुत काम आ सकता है। यह आपको और आपके पूरे परिवार को गंभीर बीमारियों के वित्तीय संकट से बचाता है। आप एक ही पॉलिसी के अंतर्गत अपने संपूर्ण परिवार के लिए कवरेज प्राप्त कर सकते हैं। केयर हेल्थ इंश्योरेंस में फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस प्लान(Family Health Insurance) के तहत आपके पूरे परिवार को कवरेज प्रदान किया जाता है। यह आपको और आपके परिवार के लिए कैशलेस उपचार, एम्बुलेंस कवर, और टैक्स लाभ जैसे कई लाभ प्रदान करता है।
डेंगू में क्या खाना चाहिए?
डेंगू होने पर संक्रमित व्यक्ति का शरीर कमजोर हो जाता है और ताकत की कमी हो जाती है। ऐसे में शरीर के रिकवरी के लिए हेल्दी डाइट का सेवन बहुत जरूरी है। डेंगू में आप निम्नलिखित चीजों का सेवन कर सकते हैं:-
- तरल पदार्थों का भरपूर मात्रा में सेवन करें। जैसे- नारियल पानी, ताजे फल का जूस, सूप, पानी, इत्यादि। इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और पोषक तत्वों की कमी पूरी होती है।
- विटामिन सी से समृद्ध खाद्य-पदार्थ खाएं। जैसे संतरा, नींबू, अमरूद, इत्यादि। यह शरीर में इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं।
- पपीता के पत्ते का सेवन करें, यह घटे हुए प्लेटलेट्स काउंट को बढ़ाने में सहायक होता है।
- सोडियम और पोटैशियम से भरपूर खाद्य-पदार्थों का सेवन करें। यह इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करते हैं।
- साधारण और हल्के भोजन का सेवन करें। यह शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करते हैं और पाचन को आसान बनाकर पेट को आराम पहुंचाते है।
डेंगू में क्या नहीं खाना चाहिए?
डेंगू के बुखार में कई तरह के खाद्य-पदार्थों से परहेज करना चाहिए, क्योंकि आपका इम्यून सिस्टम कमजोर रहता है और प्लेटलेट्स की कमी हो सकती है। यह आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। डेंगू में क्या नहीं खाना चाहिए, यहां आप देख सकते हैं:-
- तला-भुना और चिकने भोजन से परहेज करें। यह सूजन को बढ़ा सकती है और पाचन में कठिनाई हो सकती है।
- शराब के सेवन से बचें। इससे बॉडी डिहाइड्रेट हो सकती है और प्लेटलेट्स लेवल कम हो सकता है।
- मसालेदार भोजन का सेवन न करें। इससे पाचन पर असर पड़ सकता है और पेट में जलन की समस्या हो सकती है।
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डिस्क्लेमर: डेंगू से जुड़े किसी भी लक्षण का पता चलने पर डॉक्टर से तुरंत परामर्श करें। प्लान के दावों की पूर्ति पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अधीन है।