थाइरोइड ट्रीटमेंट के लिए मेडिकल पॉलिसी के लाभ

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थाइरोइड की समस्याओं के लिए निदान और दीर्घकालिक दवा की आवश्यकता होती है। तो, अगर आपको अपना थाइरोइड उपचार अपनी जेब से भरना पड़ेगा तो आपके लिए ये वित समस्या पदा कर सकता है। इसके उपचार की अवधि भी लंबी होती है। इसलिए मेडिकल पॉलिसी बहुत सहायक है। आइये जानते हैं इसके बारे में विस्तार से लकिन उससे पहले पढ़ें क्या होता है थाइरोइड, इसके लक्षण व थाइरोइड ट्रीटमेंट।

थाइरोइड एक तितली के आकार की ग्रंथि है जो आपकी गर्दन के सामने स्थित है। यह हार्मोन का उत्पादन और संग्रहीत करती है जो आपके शरीर के हर हिस्से के कार्य को प्रभावित करती है। थाइरोइड का मुख्य काम थायरोक्सिन (T4) और ट्राईआयोडोथायरोनिन (T3) नामक थाइरोइड हार्मोन को आयोडीन में बदलना है। ये हार्मोन आपके शरीर की चयापचय(metabolic) दर को विनियमित करने में मदद करते हैं। यदि आपका थाइरोइड काम करता है, तो आम तौर पर, यह आपके वजन को नियंत्रित रखता है और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है। हालांकि, अगर यह सामान्य रूप से काम नहीं कर रहा है, तो यह चिंता का विषय है। 

थाइरोइड की दो सामान्य स्थितियां हैं: 

  • हाइपोथायरायडिज्म- Hypothyroidism 
  • हाइपरथायरायडिज्म - Hyperthyroidism 

हाइपोथायरायडिज्म (अंडरएक्टिव थाइरोइड) - यह तब होता है जब आपकी थाइरोइड ग्रंथि आपके चयापचय को सही ढंग से विनियमित करने के लिए पर्याप्त थाइरोइड हार्मोन का उत्पादन नहीं करती है। यह आपके शरीर की रासायनिक प्रक्रियाओं और चयापचय को धीमा कर देता है। इसे myxedema या लो थाइरोइड या अंडरएक्टिव थाइरोइड या धीमे थाइरोइड के रूप में भी जाना जाता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इस तरह के थाइरोइड होने का खतरा अधिक होता है। आमतौर पर, 50 से अधिक उम्र के लोगों को यह समस्या होती है। हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण हैं: 

  • ठंड असहिष्णुता 
  • कब्ज़ 
  • याददाश्त और एकाग्रता में कमी 
  • डिप्रेशन 
  • थकान और ऊर्जा की कमी 
  • स्वर बैठना 
  • भार बढ़ना 

हाइपरथायरायडिज्म (ओवरएक्टिव थाइरोइड) - इस प्रकार का थाइरोइड तब होता है जब थाइरोइड ग्रंथि बहुत अधिक थाइरोइड हार्मोन का उत्पादन करती है, जिसके परिणामस्वरूप शरीर की रासायनिक प्रक्रियाओं और चयापचय में तेजी आती है। यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं में भी अधिक आम है। शीघ्र निदान और उपचार इसे ठीक कर सकता है। हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण हैं: 

  • चिंता 
  • भूख में वृद्धि 
  • हृदय गति में वृद्धि (टॅकाइक्रडीया) 
  • उच्च रक्तचाप (घबराहट) 

थाइरोइड ट्रीटमेंट

थाइरोइड गले की बीमारी है। जिससे बहुत सारी परेशानियों हो सकती हैं। हालाकी इलाज पूरी तरहा बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करता है। कुछ कामन थाइरोइड के इलाज हैं-

जांच -  थाइरोइड गले की एक बीमारी है इसलिए डॉक्टर इसका इलाज करने से पहले जांच की सलाह देते हैं। वे पता लगाते हैं कि शरीर में थाइरोइड का स्तर कितना बढ़ गया है।

दवाईयां - थाइरोइड के इलाज में दवाईयां मह्तव्पुर्न भूमिका अदा करती हैं । ये थाइरोइड को नियंत्रित रखने व उसे जड़ से खत्म हैं।

सर्जरी - जब इस गले की बीमारी में किसी भी अन्य तरीके से आराम नहीं मिलता है, तब डॉक्टर सर्जरी का सहारा लेते हैं।ऐसी स्थिति में थयरॉइडेक्टोमी (Thyroidectomy) सर्जरी के माध्यम से थाइरोइड का इलाज किया जाता है। इस सर्जरी में थाइरोइड ग्रंथि को सर्जिकल तरीके से निकाला जाता है। इसमें आपको अस्पताल में भारती होना पड़ता है। बड़ी लागत लगती है।

थाइरोइड डाइट

नीचे पढ़ें थाइरोइड की समस्या में क्या खाना ठीक रहता है।

एपल साइडर विनेगर- यह हार्मोन के संतुलित उत्पादन में मदद करता है। शरीर के वसा को रेग्युलेट करने, के साथ साथ शरीर में से विषाक्त पदार्थों को निकाल पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करता है। 

नारियल का तेल - नारियल के तेल में फैटी एसिड पाए जाते हैं । ये थायरायड ग्रंथि के सही कामकाज में मदद करते हैं। नारियल तेल का संतुलित उपयोग वजन कम करता है और मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है ।

अदरक- अदरक में पौटेशियम और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक खनिजों होते हैं जो इन्फ्लेमेशन को ठीक करता है। 

विटामिन बी- विटामिन बी 12 हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित लोगों के लिए उपयोगी है। यह अंडे, मांस, मछली, फलियां, दूध और अखरोट में होता है। विटामिन बी की आपूर्ति करता है।

विटामिन डी- विटामिन डी शरीर को केवल सूरज से ही मिलता है , इसलिए रोजाना कम से कम15 मिनट धूप लें। इससे रोगों से लड़ने की क्षमता भी बेहतर होगी। 

बादाम -  बादाम प्रोटीन, फाइबर और खनिजों का एक अच्छा स्रोत है। जो थायरायड ग्रंथि को आराम से काम करने में मदद कर सकता है।

डेरी प्रॉडक्ट्स- डेरी प्रॉडक्ट्स जैसे दूध, पनीर और दही थाइरोइड के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। क्योंकि इनमें हाई आयोडीन होते हैं जो थाइरोइड के सही तरह से काम के लिए आवश्यक है। 

नियमित व्यायाम-  नियमित व्यायाम थाइरोइड फंक्शनिंग को अच्छा रखता है। नियमित व्यायाम हार्मोनल संतुलन में मदद करता है और बेहतर वजन के नियंत्रण में काम आता है । 

नियमित चिकित्सा देखभाल और उपचार के साथ, आप एक सक्रिय और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। 

आइए समझते हैं मेडिकल पॉलिसी  कैसे करती है मदद?

थाइरोइड जैसी बीमारियों के लिए चिकित्सा मुद्रास्फीति और दवा की बढ़ती लागत आपके जीवन और वित्त को पटरी से उतार सकती है। केयर हेल्थ इंश्योरेंस (फॉर्मर्ली रेलिगेयर हेल्थ इंश्योरेंस) देता है केयर फ्रीडम एक व्यापक स्वास्थ्य बीमा। जो चिकित्सा आपात स्थितियों के दौरान आपकी सुरक्षा करता है। यह मधुमेह और उच्च रक्तचाप के लिए भी एक आदर्श स्वास्थ्य नीति भी है। नीचे पढ़ें इसके फायदे:

  • अस्पताल में भर्ती के पूर्व और बाद के खर्चों के लिए कवरेज, इन- पेशेंट अस्पताल भर्ती,  डेकेयर उपचार, डोमिसीलियरी अस्पताल में भर्ती, एम्बुलेंस खर्च, आदि।
  • नेटवर्क अस्पतालों में कैशलेस भर्ती की सुविधा प्रदान करना।
  • होमकेयर, वार्षिक स्वास्थ्य जांच के साथ नियमित परामर्श के लिए वैकल्पिक कवर
  • विशेष सुविधाएँ आजीवन नवीकरणीयता, कोई पूर्व-नीति चिकित्सा जांच और बीमा राशि का पुनर्भरण नहीं हैं
  • आसपास के स्थानों में नेटवर्क अस्पतालों के भीतर अग्रिम उपचार की सुविधा
  • इनकम टॅक्स ऐक्ट 1961, की धारा 80 डी के तहत कर लाभ
  • कुछ ही क्लिक में ऑनलाइन उपलब्ध है
  • कम प्रीमियम

इसलिए, यदि आप अपने या अपनो  को थाइरोइड मुक्त देखना चाहते हैं तो आज ही इस मेडिकल पॉलिसी में निवेश करें । हम 7800+ नेटवर्क अस्पतालों में कैशलेस भर्ती और अधिकतम कवरेज के साथ आपकी स्वास्थ्य  देखभाल का ख़याल रखते हैं। आप अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए सर्वोत्तम उपचार प्राप्त कर सकते हैं।

नोट: मेडिकल पॉलिसी दावा  मरीज की वर्तमान रिपोर्टों और नीति नियमों और शर्तों के अधीन है।