संक्रमण के पहले दिन से ही ऐसा हो सकता है। इस शुरुआती चरण के दौरान, सामान्य सर्दी के जो लक्षण सामने आते हैं उनमें बहती नाक या भरी हुई नाक, छींक आना, आवाज बैठना और खाँसी हो सकता है।
यह लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते है और सर्दी के चौथे दिन से लेकर सातवें दिन तक लक्षण सबसे खराब हो सकते हैं। इनमें नाक बहना, खाँसी, साइनस/नाक बंद होना, शरीर में दर्द, सिरदर्द और थकावट हो सकता है। इसके परिणामस्वरूप कभी-कभी बुखार भी हो सकता है।
सर्दी के अंतिम चरण के दौरान लक्षणों की तीव्रता कम हो जाती है क्योंकि नाक में कंजेस्शन और गले में खराश कम हो जाती है। हालाँकि अधिकांश व्यक्तियों को खांसी में कमी का अनुभव होता है, पर कुछ लोगों को लगातार खांसी का अनुभव हो सकता है जो समय के साथ और अधिक खराब हो जाती है।
यदि आपके लक्षण गंभीर हैं, सामान्य से अधिक समय तक बने रहते हैं, या फिर से बुखार हो जाता है, तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए। आइए जानते हैं, बार-बार जुकाम होने पर क्या करें, सर्दी जुकाम का घरेलू उपचार, इत्यादि।
सर्दी-ज़ुकाम के लक्षण क्या है?
वायरस के संपर्क में आने के दो या तीन दिन बाद सर्दी के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, लेकिन किसी किसी व्यक्ति में ये एक सप्ताह बाद भी दिखाई दे सकते हैं। अधिकांश लक्षण नाक तक ही सीमित होते हैं। सर्दी के सबसे सामान्य लक्षण हैं:
- नाक भरा हुआ महसूस होना
- छींक आना
- बहती नाक
- गले में जलन
- हल्की अथवा तेज खांसी
- मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द होना
- सिरदर्द
- हल्की थकान
- आँखों में पानी आना
- हल्का बुखार
- गला खराब होना
- ठंड लगना
- नाक से पानी जैसा स्राव जो गाढ़ा होकर पीला या हरा हो जाता है
बार बार जुकाम होने के कारण क्या है?
क्या आप जानते हैं, बार-बार सर्दी होने का कारण क्या है? सामान्य सर्दी के होने की वजह वायरस होते हैं और वो कई प्रकार के हो सकते हैं। अधिकतर, राइनोवायरस ही सामन्य सर्दी के लिए जिम्मेदार होते हैं।
यह वायरस मुँह, आंख या नाक के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं और इसके बाद फैलते हैं। यह वायरस निम्नलिखित माध्यमों से फैल सकते है:
- किसी बीमार व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने के दौरान हवा में जो बूंदें निकलती हैं उनके संपर्क में आने से।
- किसी बीमार व्यक्ति से हाथ मिलाकर बातचीत करने से।
- बर्तन, तौलिए, खिलौने या फोन जैसी वस्तुएं साझा करना, जिन पर वायरस है।
- वायरस के संपर्क में आने के बाद अपने मुँह, नाक या आँखों को छूना।
सर्दी-ज़ुकाम होने के रिस्क फैक्टर्स क्या है?
सर्दी लगने की संभावना निम्नलिखित कारणों की वजह से अधिक हो सकती है:
- धूम्रपान: उन लोगों को सर्दी की समस्या अधिक प्रभावित करती है, जो धूम्रपान करते हैं।
- उम्र: अन्य व्यक्तियों की तुलना में, शिशु और शुरुआती बच्चे सर्दी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
- बीमार व्यक्ति से सम्पर्क: सर्दी लगने की संभावना तब बढ़ जाती है जब कोई बीमार व्यक्ति नजदीक में होता है, जैसे कि स्कूल में।
- इम्म्यून सिस्टम कमजोर होना: यदि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है या कोई पुरानी बीमारी है तो सर्दी होने का जोखिम बढ़ जाता है।
- ऋतु: शरद ऋतु और सर्दियों में, वयस्कों और बच्चों दोनों में सर्दी की समस्या होना अधिक आम है।
सर्दी-ज़ुकाम की जटिलताएं क्या हैं?
कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए ठंड के कारण जटिलताएं हो सकती हैं। जैसे कि:
- सांस की नली में सूजन
- ओटिटिस मीडिया (मध्य कान का संक्रमण)
- गले का संक्रमण
- न्यूमोनिया
- तीव्र ब्रोंकाइटिस
सर्दी- जुकाम किस विटामिन की कमी से होता है?
जिन व्यक्तियों को अक्सर सर्दी-जुकाम होता है, उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमज़ोर होती है। कुछ पोषक तत्वों की कमी की वजह से अक्सर प्रतिरक्षा प्रभावित होती है। उदाहरण के लिए, प्रतिरक्षा प्रणाली का स्वास्थ्य विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन डी पर निर्भर करता है। जो लोग बीमारी से ग्रस्त हैं उन्हें अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के संबंध में डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। सर्दी-ज़ुकाम की समस्या ज्यादातर विटामिन की की कमी से होती है।
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1 दिन में जुकाम कैसे ठीक करें?
जल्दी जुकाम से राहत पाने के लिए सर्दी जुकाम का घरेलू उपचार भी किया जा सकता है। आप निम्नलिखित उपाय आजमा सकते हैं:-
- सुबह में तुलसी का काढ़ा पिएं।
- गुनगुने पानी में नमक डाल कर गरारा करें।
- हल्दी दूध का सेवन करें।
- श्वास नली के बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए भाप लें।
- गुनगुने पानी का सेवन करें।
- धूम्रपान से बचने की कोशिश करें।
- आराम करें और पर्याप्त नींद लें।
- ठंडे चीज के सेवन से बचें।
सर्दी-ज़ुकाम से बचाव कैसे करें?
निम्नलिखित दिए गए कुछ उपायों को अपनाकर सर्दी से बचाव किया जा सकता है:
- सर्दी से जो लोग ग्रस्त हैं उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
- स्वास्थ्य से भरपूर, ताजे फलों और सब्जियों का सेवन करें।
- खांसते या छींकते समय टिश्यू या रूमाल का इस्तेमाल करें और तुरंत अपने हाथ धो लें।
- अगर टिश्यू उपलब्ध नहीं है तो अपनी शर्ट की ऊपरी बांह में खांसी या छींकें, अपने मुंह और नाक को पूरी तरह से ढँक लें।
- अपने चेहरे, विशेषकर अपने होठों, नाक और आँखों को छूने से बचें।
डॉक्टर को कब दिखाएँ?
यदि निम्नलिखित लक्षण हों तो डॉक्टर को अवश्य दिखाएं:
- तेज़ बुखार।
- छाती में दर्द।
- कान का दर्द।
- अस्थमा का बढ़ना या सांस लेने में कठिनाई होना।
- लक्षण 10 दिनों से अधिक समय तक बने रहना या ख़राब होना।
सर्दी-ज़ुकाम का क्या उपचार है?
सर्दी का कोई इलाज नहीं है, लेकिन उपचार से लक्षणों को प्रबंधित किया जा सकता है। सर्दी जुकाम का घरेलू उपचार भी किया जा सकता है या ज़ुकाम का खुद इलाज करने के तरीके भी मौजूद हैं। जैसे कि:
- दर्द और परेशानी को प्रबंधित करने के लिए ओवर-द-काउंटर दवाओं का उपयोग करें।
- भाप लें, जो नाक के कंजेस्शन से राहत दिलाने में मदद कर सकती है।
- गले में खराश के लिए नमक के पानी से गरारे करें।
- निर्जलीकरण को होने से रोकने के लिए खूब सारा पानी और जूस पियें।
- पर्याप्त आराम करें।
इन सब से जरा हटकर यदि हम बात करें तो आज के समय में ऐसी बीमारियों का होना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन इसके प्रति हमें सावधान और तैयार रहना बहुत जरूरी है। अपने आप को और परिवार को बचा कर हम सावधान रह सकते हैं और हेल्थ इन्श्योरेंस करा कर हम बीमारी से लड़ने के लिए तैयार रह सकते है। हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) आपको गंभीर से गंभीर बीमारीयों के लिए कवरेज प्रदान करता है, जहां आप अस्पताल और पैसे की टेंशन लिए बिना अपने बीमारी का इलाज आसानी से करा सकते हैं। आप केयर हेल्थ के फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस प्लान (Family Health Insurance) को ले सकते हैं, जहां आपको एक ही प्लान में परिवार के सभी सदस्यों का इंश्योरेंस मिल जाता है।
डिस्क्लेमर: सर्दी-जुकाम के लक्षण दिखने पर आवश्यक्तानुसार इलाज करें और ज्यादा गंभीर होने पर तत्काल डॉक्टर से परामर्श करें। स्वास्थ्य बीमा की सुविधाएँ अलग-अलग हो सकती हैं। दावों की पूर्ति पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अधीन है।