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खसरे का टीका किस आयु में लगता है? देखें, खसरा के लक्षण

  • Published on 28 Aug, 2025

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खसरा एक वायरल संक्रामक बीमारी है जो रूबेला वायरस की वजह से होता है और मुख्य रूप से बच्चों में होता है, लेकिन बड़े लोगों को भी यह प्रभावित कर सकता है। यह रोग खसरा वायरस से होता है और बहुत तेज़ी से फैलता है। यह किसी संक्रमित व्यक्ति के लार या बलगम के संपर्क के कारण फैलता है। इससे संक्रमित व्यक्ति जब छिंकता या खांसता है तो संक्रमण हवा में फैल जाता है और दूसरो को संक्रमित कर सकता है। इस बीमारी का होना पहले बहुत आम था लेकिन अब खसरा वायरस को वैक्सीन से रोकी जा सकती है।

आमतौर पर, खसरा का संक्रमण 7 से 10 दिनों में ठीक हो जाता है। खसरा का वायरस कई घंटो तक सतह पर रह सकता है और निकट संपर्क व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आधार पर 2016 में भारत में खसरा के कुल 71,726 मामले मिले थे। खसरे का टीका किस आयु में लगता है? यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के तहत खसरा वैक्सीनेशन दो डोज में दिया जाता है, पहली डोज 9 से 12 महिने में और दूसरी डोज 16 से 24 महिने में दिया जाता है।

खसरा के लक्षण क्या है?

खसरा वायरस के संपर्क में आने के लगभग 10 से 14 दिन बाद खसरा के लक्षण देखने को मिलते हैं। खसरा के लक्षण निम्नलिखित है:-

  • नाक बहना
  • बुखार आना
  • सूखी खांसी होना
  • खराश
  • कंजंक्टिवाइटिस यानी आंख आना
  • शरीर पर छोटे-छोडे लाल दाने निकलना
  • थकान 
  • कमजोरी

खसरा रोग के कारण क्या है?

खसरा रोग कैसे फैलता है? खसरा रूबेला वायरल की वजह से होता है और श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है। यह वायरस शरीर में प्रवेश करने के बाद दो तरह से फैलता है:-

  • जब संक्रमित व्यक्ति छींकता, खांसता है या किसी से बात भी करता है तो यह ड्रॉपलेट के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर सकता है और वह संक्रमित हो सकता है।
  • जब ड्रॉपलेट टेबल, मेज, हैंडल जैसी किसी सतर पर जम जाता है और व्यक्ति दो घंटे के अंदर उस सतह के संपर्क में आता है और आंख, नाक, मुंह को छूता है तो वायरस शरीर में प्रवेश कर जाता है। इससे व्यक्ति खसरा वायरस से संक्रमित हो सकता है।

यह बीमारी आसानी से फैलने की वजह से सबसे ज्यादा संक्रामक बीमारी माना जाता है। यदि व्यक्ति वैक्सीनेटेड नहीं है तो वह इस वायरस से आसानी से संक्रमित हो सकता है।

खसरा का इलाज क्या है?

खसरा से बचाव का सबसे असरदार तरीका टीकाकरण हैं। खसरा रोग का अभी तक कोई विशेष दवा या इलाज उपलब्ध नहीं है। इसका इलाज लक्षणों के आधार पर किया जाता है और शारीरिक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए किया जाता है। खसरे का इलाज निम्नलिखित है:-

  • संक्रमित व्यक्ति पर्याप्त आराम करें।
  • साफ सफाई का ध्यान रखे और हवादार रूम में रहे।
  • दर्द और बुखार को नियंत्रित करने के लिए चिकित्सा परामर्श लें।
  • भरपूर मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
  • पौष्टिक और सुपाच्य भोजन का सेवन करें।
  • खसरा से संक्रमित व्यक्ति को विटामिन A सप्लीमेंट लेना आवश्यक है, यह व्यक्ति को जल्दी रिकवरी में सहायक होता है।
  • दानों वाली त्वचा पर खुजली करने से बचें।
  • रोगी को अलग रखें और काम पर न जाने दें, ताकि बीमारी दूसरों में ना फैले।
  • यदि खसरा का मामला गंभीर है तो तत्काल डॉक्टर से परामर्श करें।

खसरा में क्या खाना चाहिए?

खसरा बीमारी में व्यक्ति का खान-पान कम हो जाता है और शरीर भी कमजोर हो जाता है। ऐसे में व्यक्ति को अपना डाइट सोच-समझ कर लेनी चाहिए। देखें, खसरा में क्या खाना चाहिए:-

  • खसरे से पीड़ित व्यक्ती को हल्का और तरल भोजन का सेवन करना चाहिए।
  •  वेजीटेबल सूप या दाल का पानी पिएं।
  • नींबू पानी, गुनगुना पानी, फ्रेस जूस इत्यादि का सेवन करें।
  • शरीर की ताकत बनाए रखने के लिए खिचड़ी, दलिया, ओट्स इत्यादि का सेवन करें।
  • उबला हुआ शकरकंद या आलू का सेवन करें।
  • प्रोटीन के लिए मूंग या मसूर की दाल का सेवन करें।
  • डेयरी उत्पाद जैसे- पनीर, दही खाएं।
  • अंडे का सेवन करें।
  • विटामिन और मिनरल के लिए आसानी से पचने वाले फलों का सेवन करें, जैसे- पपीता, सेब, केला, तरबूज, इत्यादि।
  • पकी हुई सब्जियां खाएं, जैसे- लौकी, पालक, गाजर, हरी पत्तेदार सब्जियां, इत्यादि।

खसरा रोग में क्या नहीं खाना चाहिए?

खसरा रोग के दौरान शरीर बहुत संवेदनशील हो जाता है और गलत खान-पान से बीमारी को बढ़ावा मिल सकता है। इसलिए कई तरह के खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं, जिसे खसरा जैसी बीमारियों में सेवन नहीं करना चाहिए:-

  • खसरा में मसालेदार और तैलिय भोजन का सेवन न करें, जैसे- समोसे, पराठे, ज्यादा मिर्च-मसाले वाला भोजन, इत्यादि।
  • ज्यादा ठंडी चीजों के सेवन से बचें, जैसे- कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम, चिल्ड वाटर, इत्यादि।
  • तीखे और खट्टे फलों का सेवन नहीं करें, जैसे- अनानास, संतरा, अमरूद, इत्यादि।
  • प्रोसेस्ड फूड या फास्ट फूड के सेवन से बचें, जैसे- पिज्जा, बर्गर, नूडल्स, इत्यादि।
  • भारी खाना खाने से बचें, जैसे- मीट, मलाई, मक्खन, आदि।
  • कैफीन और एनर्जी ड्रिंक न लें, जैसे- कॉफी, एनर्जी, ज्यादा मात्रा में चाय, आदि।

सारांश

खसरा एक वायरल संक्रामक रोग है, जो बच्चों में ज्यादा देखने को मिलता है। इसमें तेज बुखार, जुकाम, खांसी, आंख आना, त्वचा पर लाल चकत्तेदार दाने की समस्या देखने को मिलती है। खसरा का कोई विशेष इलाज नहीं है, इसको लक्षणों के आधार पर नियंत्रित किया जाता है। खसरा से बचाव के लिए टिकाकरण किया होता है। इसमें दवा, विटामिन A सप्लीमेंट्स, हल्का और पौष्टिक भोजन दिया जाता है। यदि समय पर इसका ध्यान नहीं दिया गया तो गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ सकती है। 

आज के दौर में अस्पताल में भर्ती होने का मतलब जेब पर भारी बोझ पड़ने के बराबर है। ऐसे में यदि आपके पास स्वास्थ्य बीमा नहीं है तो आपको भारी तनाव और वित्तीय असुविधा की परेशानी झेलनी पड़ सकती है। इसलिए गंभीर बीमारियों के खर्चों के बोझ से बचने के लिए आप अपनी स्वास्थ्य बीमा करा सकते हैं, जो बीमारी जैसी मुश्किल घड़ी में आपको वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती हैं। आप केयर हेल्थ के फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस प्लान को खरीद सकते हैं, जहां आपको पूरे परिवार के लिए कवरेज प्रदान दिया जाता है। इसमें प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन के साथ डे-केयर ट्रीटमेंट की सुविधा भी दी जाती है, साथ ही एंबुलेंस कवर, वार्षित स्वास्थ्य जांच और भी कई तरह की स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती है।

डिस्क्लेमर: उपरोक्त जानकारी केवल संदर्भ उद्देश्यों के लिए है। सही चिकित्सीय सलाह के लिए कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श करें। स्वास्थ्य बीमा लाभ पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अधीन हैं। अधिक जानकारी के लिए अपने पॉलिसी दस्तावेज़ पढ़ें।

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