खांसी एक सामान्य रोग है, लेकिन यह अत्यंत कष्टदायक भी हो सकती है। खांसी बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक किसी को भी हो सकती है। यह अक्सर मौसम में होने वाले बदलाव, अपने दिनचर्या में बदलाव या किसी अन्य कारणों से भी खांसी हो सकती है। यदि आपको खांसी होती है तो आपके गले में खराश और दर्द भी महसूस हो सकता है। आमतौर पर जब हमें खांसी होती है तो हम मेडिकल स्टोर से सिरप या दवा लेकर खांसी को ठीक करने की कोशिश करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हम इसे घर पर आसानी से घरेलू इलाज के द्वारा कैसे ठीक कर सकते हैं। आइए जानते हैं, खांसी के लक्षण और कारण क्या है, खांसी कैसे ठीक करें, खांसी का इलाज घरेलू तरीके से कैसे ठीक करें, सूखी खांसी क्यों आती है, इत्यादि।
खांसी कितने प्रकार की होती है? (khansi ka ilaj)
मुख्य रूप से खांसी निम्नलिखित तीन प्रकार के होते हैं:-
- एक्यूट खांसी - एक्यूट खांसी आपको दो से तीन सप्ताह तक रह सकती है और बाद में अपने आप ठीक भी हो जाती है।
- सबएक्यूट खांसी - इस तरह की खांसी आपको तीन से आठ सप्ताह तक हो सकती है।
- क्रोनिक खांसी - क्रोनिक खांसी आपको आठ सप्ताह से ज्यादा या लंबे समय तक रह सकती है। इस तरह की खांसी किसी घातक बीमारी के संकेत भी हो सकते हैं।
इसके अलावा खांसी अन्य निम्नलिखित प्रकार के हो सकते हैं:-
- काली खांसी
- बलगम वाली खांसी
- सूखी खांसी
- रात को होने वाली खांसी (नॉक्टर्नल खांसी)
सूखी खांसी के लक्षण क्या है? (Sukhi Khansi Ke Lakshan)
हांलाकि, खांसी खुद ही एक लक्षण है, लेकिन इसके साथ कुछ और लक्षण आपको देखने को मिल सकते हैं:-
- गले में दर्द
- गले में खराश
- बुखार
- सिरदर्द
- उल्टी
- छाती में जकड़न और दर्द
- श्वास नली में सूजन
- साइनस में इंफेक्शन
- नाक बहना
- निगलने में समस्या
- बलगम आना
खांसी के क्या कारण है? (Sukhi Khansi Ke Karan)
बार बार खांसी होने के कारण एलर्जी या मौसमी बदलाव हो सकते हैं। सूखी खांसी का कारण कई अन्य तरह के हो सकते हैं, जैसे:-
- सर्दी या फ्लू
- वायरल संक्रमण
- प्रदूषण और धूल-मिट्टी वाला वातावरण
- धूम्रपान
- दमा रोग या टीबी रोग के कारण
- फेफड़ों का कैंसर
खांसी के घरेलू उपाय क्या है? (Khansi ka Gharelu Ilaaj)
लगातार खांसी आने पर क्या करें? खांसी एक ऐसा रोग है जिसके होने पर शुरू में सभी लोग घरेलू उपाय के द्वारा ही इसे ठीक करने की कोशिश करते हैं। आइए लगातार सूखी खांसी आना घरेलू उपाय के बारे में जानते हैं:-
- शहद - खांसी के लिए घरेलू उपाय में शहद कारगर है। यदि आपकी खांसी सूख गई है तो ऐसे में शहद आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। आप एक चम्मच शहद के साथ गर्म दूध का सेवन कर सकते हैं, यह आपको खांसी से आराम दिलाने में बहुत फायदेमंद होता है।
- तुलसी - खांसी में तुलसी भी बहुत कारगर आयुर्वेदिक इलाज है। आप खांसी होने पर तुलसी की पत्तियों का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। इसके अलावा आप तुलसी के पत्तियों के रस और अदरक के रस को शहद के साथ मिलाकर पी सकते हैं।
- अदरक - सूखी खांसी का घरेलू इलाज में अदरक बहुत काम आता है। बार-बार खांसी आने पर आप अदरक के टुकड़े को चबा सकते हैं, इससे खांसी में राहत मिलती है। आप एक चम्मच अदरक के रस के साथ शहद को मिलाकर खा सकते हैं। इसके अलावा आप अदरक को उबालकर उसका काढ़ा बनाकर पी सकते हैं, इससे सूखी खांसी में बहुत आराम मिलता है। इससे धसका खांसी का इलाज भी किया जा सकता है।
- नमक - नमक कफ को ढ़ीला करने में सहायक होता है। सुबह और शाम को एक ग्लास गर्म पानी में नमक मिलाकर गरारा करें। इससे सूखी खांसी से राहत पाने में मदद मिलती है।
- प्याज - खांसी में प्याज के रस का सेवन बहुत लाभदायक होता है। आधा चम्मच प्याज के रस के साथ एक चम्मच शहद मिलाकर आप दिन में इसे दो बार ले सकते हैं। इससे आपकी खांसी में बहुत आराम मिलता है।
- मुलेठी - खांसी को रोकने के उपाय के लिए आयुर्वेद में मुलेठी को बहुत सही औषधी माना गया है। आप खांसी में मुलेठी के चूर्ण का सेवन कर सकते हैं। आप मुलेठी के डंडियों को भी चूस सकते हैं। इससे खांसी में राहत मिलती है।
- स्टीम या भाप - भाप या स्टीम लेना खांसी और वायुमार्ग को तुरंत साफ करने में काफी सहायक पाया गया है। यह वायुमार्ग में स्थित हानिकारक वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करती है।
- अजवायन - अजवायन एक अच्छी आयुर्वेदिक औषधी है, जो खांसी के तीव्रता को कम करता है और बलगम को बाहर निकालने में सहायक साबित होता है। आप चाय में डालकर इसका सेवन कर सकते हैं और खांसी से आराम पा सकते हैं।
सारांश
खांसी एक आम बीमारी है लेकिन यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया है, तो यह आपको काफी परेशान भी कर सकती है। खांसी एक तरह से एलर्जिक रिएक्शन है जो मौसम में बदलाव या अन्य कारणों से होता है। खांसी के लक्षण में गले में दर्द, गले में खराश, बुखार, सिरदर्द, उल्टी, छाती में जकड़न और दर्द, श्वास नली में सूजन, साइनस में इंफेक्शन, नाक बहना इत्यादि। इसके कारण में सर्दी या फ्लू, वायरल संक्रमण, प्रदूषण, धूम्रपान, टीबी इत्यादि। खांसी मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं, जिसमें एक्यूट खांसी, सबएक्यूट खांसी, क्रोनिक खांसी है।
इसके अलावा काली खांसी, सूखी खांसी, बलगम वाली खांसी और रात को होने वाली खांसी होती है। मेडिकल स्टोर से दवा लेकर आप खांसी को ठीक कर सकते हैं। खांसी को आप आसानी से घरेलू इलाज के माध्यम से भी ठीक कर सकते हैं, जिसके लिए आप अदरक, मुलेठी, अजवायन, नमक, प्याज, शहद, तुलसी इत्यादि का ऊपर बताए गए विधी द्वारा इस्तेमाल कर सकते हैं। वैसे खांसी का होना अपने आप में ही कई गंभीर बीमारियों के लक्षण हैं, तो यह भी एक ध्यान देने वाली बात है।
ऐसे में गंभीर बीमारियों से पहले वित्तीय रूप से तैयार रहने के लिए आप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी (Health Insurance Policy) भी ले सकते हैं। यह आपको कई गंभीर बीमारियों के खर्चों से बचाने में काफी मददगार है। इसमें आप कई सारी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं, जैसे- एंबुलेंस की सुविधा, अस्पताल में भर्ती होने से पूर्व और बाद के खर्चों की सुविधा इत्यादि। आप केयर हेल्थ के फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस प्लान (best family insurance) को ले सकते हैं और अपने आप को वित्तिय रूप से मजबूत बना सकते हैं।
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डिस्क्लेमर: उपरोक्त जानकारी सिर्फ आपके संदर्भ के लिए दी गई है। खांसी के गंभीर लक्षणों में आपको डॉक्टर से परामर्श करने की आवश्यकता होती है। इंश्योरेंस प्लान की सुविधाएँ, लाभ और कवरेज अलग-अलग हो सकते हैं, नियमों और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।