आज के समय में लगभग सभी लोग अपने दिनचर्या में मीठे का सेवन जरूर करते हैं, चाहें वो चाय के रूप में हो, मीठे पकवान या खाद्य पदार्थ के रूप में हो। ऐसे में लोग चीनी से बने खाद्य पदार्थों को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। चीनी से बने खाद्य या पेय पदार्थ स्वाद में भले ही स्वादिष्ट लगती हो लेकिन स्वास्थ्य के लिए उतनी ही हानिकारक भी है। इसलिए यदि आप मीठे के सेवन के साथ स्वयं को सहतमंद रखना चाहते हैं तो चीनी की जगह खांड का इस्तेमाल करें। देसी खांड का स्वाद भी मीठा होता है और यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है। आइए जानते हैं, देसी खांड क्या है, खांड कैसे बनता है और खांड के फायदे क्या है।
देसी खांड किसे कहते हैं?
क्या आप भी नहीं जानते हैं, देसी खांड क्या होता है? यह सेहत के लिए बहुत फायदेमंद चीज है और चीनी के बदले में आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। खांड चीनी के मुकाबले कम मीठा होता है लेकिन पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें आयरन, कैल्शियम, फाइबर, मैग्नीशियम,विटामिन्स और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
खांड गन्ने के जूस के द्वारा बनाई जाने वाली पारंपरिक चीनी होती है जिसे खांडसारी चीनी के नाम से भी जानते हैं। इसको चीनी के मुकाबले कम रिफाइन किया जाता है और इसमें किसी भी कैमिकल का प्रयोग नहीं होता है। यदि बात करें, खांड और चीनी के फायदों की तो चीनी के मुकाबले खांड ज्यादा फायदेमंद होती है।
देसी खांड कैसे बनती है?
खांड बनाने की प्रक्रिया चीनी बनाने की प्रक्रिया से थोड़ी अलग होती है। इसमें गन्ने के रस को ज्यादा रिफाइन नहीं किया जाता है। देसी खांड बनाने की विधी निम्नलिखित है:-
- सबसे पहले गन्ने के रस को इक्ट्ठा करें।
- रस को गर्म करके तब तक उबालें जब तक रस गाढ़ा न हो जाए।
- रस को चीनी की तरह न रिफाइन करके, कम रिफाइन करें।
- गाढ़े रस को ठंडा कर के क्रिस्टलीकृत होने दे।
- इसके बाद इसे ठोस और मोटे टुकड़ों में जमने दें।
- इसके बाद देसी गाय के दूध से इसके मैल को अलग किया जाता है।
- और फिर खांड की देसी घी में काफी देर तक घुटाई की जाती है।
देशी खांड और चीनी में क्या अंतर है?
खांड और चीनी दोनों ही गन्ने के रस द्वारा तैयार की जाती है। जानें, खांड और चीनी में कौन बेहतर है। चीनी और खांड में अंतर निम्नलिखित है:-
| देसी खांड | सफेद चीनी |
|---|---|
| यह हल्के भूरे रंग का होता है। | यह सफेद रंग का होता है। |
| खांड हल्की मीठी होती है। | चीनी ज्यादा मीठी होती है। |
| इसका प्राकृतिक स्वाद होता है। | इसका कृत्रिम स्वाद होता है। |
| देसी खांड कम प्रोसेसिंग वाला होता है। | सफेद चीनी हाई प्रोसेसिंग वाला होता है। |
| इसमें विटामिन-मिनरल्स, आयरन, मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। | इसमें लगभग कोई पोषक तत्व नहीं पाए जाते हैं। |
| इसमें कम मात्रा में फाइबर होती है। | इसमें फाइबर नहीं होता है। |
| यह केमिकल फ्री होता है। | इसमें केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। |
| इसका इस्तेमाल पारंपरिक मिठाइयां और आयुर्वेदिक औषधि के रूप में किया जाता है। | यह सामान्य मिठास के लिए होता है। |
देसी खांड के फायदे क्या है?
चीनी से ज्यादा हेल्दी और फायदेमंद है देसी खांड। देखें देसी खांड के फायदे निम्नलिखित है:-
- हड्डियों और दांतो के लिए फायदेमंद - देसी खांड में मौजूद कैल्शियम आपके हड्डियों और दांतो को मजबूत बनाते है और यह दांतो के लिए भी फायदेमंद होते हैं।
- पाचन क्रिया सही रहता है - देसी खांड के फाइबर की मात्रा भी पाई जाती है जो आपके पेट को साफ रखने और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इससे पाचन क्रिया को सही रखा जा सकता है।
- शरीर में खून की कमी को पूरा करता है - खांड में आयरन की मात्रा भरपूर होती है जो आपके खून में हिमोग्लोबिन की मात्रा बनाए रखने के साथ एनीमिया की समस्या को भी दूर करता है। ऐसे में खांड का सेवन खून की कमी को पूरा करने में मदद करता है।
- नसों और मांसपेशियों के लिए फायदेमंद होता है - खांड में मैग्नीशियम की मात्रा पाई जाती है, जो हड्डियों, नसों और मांसपेशियों के लिए आवश्यक तत्व होता है। ऐसे में यह आपके शरीर में इंसुलिन स्राव में भी मददगार साबित हो सकता है।
- तंत्रिका तंत्र के लिए अच्छा होता है - खांड में पोटैशियम की मात्रा भी पाई जाती है, जो आपके शरीर में पानी के संतुलन को बनाए रखने में सहायक होता है। इसके अलावा यह आपके तंत्रिका तंत्र को सुचारू रूप से काम करने में मदद करता हैं। यह हार्ट हेल्थ और किडनी हेल्थ के लिए भी जरूरी होता है।
देसी खांड के नुकसान क्या है?
किसी भी चीज का आवश्यकता से ज्यादा सेवन हानिकारक होता है। ऐसा ही देसी खांड के साथ भी है। इसमें हाई शुगर होती है और ज्यादा सेवन से यह आपके वजन को बढ़ा सकती है या आपको मोटापे की समस्या हो सकती है। ज्यादा मात्रा में देसी खांड का सेवन करने से ब्लड शुगर का लेवल तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में मधुमेह से पीड़ित रोगियों को खास ध्यान देने की जरूरत होती है। ज्यादा सेवन से दांतो में कैविटी की समस्या भी हो सकती है और दांत दर्द हो सकता है। यानी, देसी खांड का संतुलित मात्रा में सेवन करने से ही स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है।
सारांश
देसी खांड का इस्तेमाल सिर्फ मिठास के लिए नहीं बल्की हेल्थ के लिए भी इसके कई अनगिनत फायदे हैं। यह मीठास के लिए प्राकृतिक स्रोत होता है और हमारे शरीर में ऊर्जा के संचार को बनाए रखता है। सफेद चीनी की तुलना में खांड अधिक स्वास्थ्यवर्धक होता है। यह आपके पाचन तंत्र से लेकर हड्डियों, मांसपेशियों, तंत्रिका तंत्र, दांत, इत्यादि के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
यदि हम खांड और चीनी में अंतर की बात करें तो खांड प्राकृतिक होता है जबकि चीनी में कैमिकल का प्रयोग होता है, खांड कम मीठी होती है जबकि चीनी ज्यादा मीठी होती है, इस तरह के और भी अंतर है जो आपको उपरोक्त भागों में पढ़ने को मिल सकता है। कुल मिलाकर देसी खांड आपके स्वास्थ्य के लिए ज्यादा फायदेमंद होती है। जब स्वास्थ्य की बात करें तो अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित करने के लिए आप स्वास्थ्य बीमा भी खरीद सकते हैं।
स्वास्थ्य बीमा आपको गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है, जहां आप प्री और प्रोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन, एंबुलेंस खर्च, वार्षिक स्वास्थ्य जांच इत्यादि जैसी कई सारी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती है। आज के समय में अनहेल्दी खान-पान और लाइफस्टाइल के कारण बीमारियों का होना कोई बड़ी बात नहीं हैं, इसके लिए आपको पहले से तैयार रहने की जरूरत है। आप केयर हेल्थ के व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा प्लान (Individual Health Insurance Plan) को खरीद सकते हैं, जहां आपको स्वंय को बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए कवरेज प्रदान की जाती है। इस तरह के हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के साथ आप कई तरह के स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं और अपने आप को सुरक्षित कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: उपरोक्त जानकारी केवल संदर्भ उद्देश्यों के लिए है। किसी भी तरह के चिकित्सीय सलाह के लिए कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श करें। स्वास्थ्य बीमा लाभ पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अधीन हैं। अधिक जानकारी के लिए अपने पॉलिसी दस्तावेज़ पढ़ें।