सही टॉप-अप या सुपर टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा प्लान चुनने के लिए कटौती योग्य राशि, कवरेज की सीमा और संबंधित नियम और शर्तों जैसे प्रमुख पॉलिसी पहलुओं पर स्पष्टता की आवश्यकता होती है।
जब डिडक्टिबल की पूरी राशि खत्म हो जाए, उसके बाद ज़्यादा आर्थिक सुरक्षा पाना चाहते हों। यह कवर आपके मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस प्लान से आगे जाकर अतिरिक्त सुरक्षा देता है।
- इनपेशेंट केयर: कवरेज में रूम रेंट, ICU की लागत, नर्सिंग केयर और सर्जन की फीस जैसे खर्च शामिल हैं।
- एडवांस टेक्नोलॉजी मेथड्स: इसमें नई और आधुनिक इलाज तकनीकों का खर्च पूरे सम इंश्योर्ड तक कवर किया जाता है।
- ICU शुल्क: इसमें ICU से जुड़े सभी योग्य खर्च सम इंश्योर्ड तक कवर किए जाते हैं, जिससे आपात स्थिति में अपनी जेब से होने वाला खर्च कम हो जाता है।
- हॉस्पिटलाइज़ेशन से पहले के खर्च: हॉस्पिटलाइज़ेशन से 60 दिन पहले तक टेस्ट, कंसल्टेशन और दवाएं कवर की जाती हैं।
- डिस्चार्ज के बाद के खर्च: हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद 90 दिनों तक के पात्र मेडिकल खर्चों को कवर करता है।
- डोमिसिलियरी हॉस्पिटलाइज़ेशन: जब हॉस्पिटल में बेड उपलब्ध न हो या मरीज़ चलने-फिरने में असमर्थ हो, तब घर पर ही हॉस्पिटल जैसा इलाज देने का कवर मिलता है।
- AYUSH ट्रीटमेंट: पॉलिसी की शर्तों के अनुसार आयुर्वेद, योग और नेचुरोपैथी, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (AYUSH) जैसे वैकल्पिक उपचार विधियों के लिए कवरेज शामिल करें।
पॉलिसी के नियम और शर्तों के आधार पर, प्लान निम्नलिखित एक्सक्लूज़न को कवर नहीं करता है।
- कॉस्मेटिक और डेंटल प्रोसीज़र: कॉस्मेटिक और नियमित डेंटल प्रोसीज़र के खर्च कवर नहीं किए जाते हैं, क्योंकि उन्हें मेडिकल रूप से आवश्यक नहीं माना जाता है।
- नशे से जुड़ी बीमारियां: शराब, तंबाकू, नशीले पदार्थ या किसी भी तरह के नशे के सेवन से होने वाली बीमारी या चोट के इलाज से जुड़ा खर्च।
- मैटरनिटी और बच्चे का जन्म: गर्भावस्था, डिलीवरी, गर्भपात, अबोर्शन, और उनसे जुड़ी जटिलताओं के खर्च आमतौर पर कवर नहीं होते। ये खर्च तभी शामिल होते हैं, जब पॉलिसी में अलग से मातृत्व ऐड-ऑन लिया गया हो।
- कॉस्मेटिक या प्लास्टिक सर्जरी: सुंदरता बढ़ाने या दिखावे से जुड़ी सर्जरी का खर्च आमतौर पर कवर नहीं होता। हां, अगर दुर्घटना, कैंसर, या जलने की चोट की वजह से यह सर्जरी मेडिकली ज़रूरी हो, तो इसका कवर मिल सकता है।
- खुद को पहुंचाई गई चोटें: इस पॉलिसी में खुद को जानबूझकर चोट पहुंचाने से जुड़े मेडिकल खर्च कवर नहीं होते। इसमें आत्महत्या की कोशिश या नशे के कारण हुई चोट से जुड़े खर्च भी शामिल हैं।